Space News: अंतरिक्ष में दो ग्रहों के बीच हुई भीषण टक्कर, अब वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा,जब पृथ्वी पर………

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वैज्ञानिकों ने खोज निकाली नई धरती, इसानों के रहने लायक है नया ग्रह – फोटो : Adobe Stock

Space News: अंतरिक्ष में अक्सर कई ऐसी घटनाएं होती हैं, जो वैज्ञानिकों के लिए खास होती हैं। इन दिनों एक ऐसी घटना सामने आई है। दरअसल, अंतरिक्ष में धरती से 11,000 प्रकाश-वर्ष दूर दो ग्रहों की आपस में टक्कर हुई है। इस नजारे को देखने के बाद वैज्ञानिक हैरान हो गए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह घटना असामान्य थी, जिसे पहले कभी नहीं देखा गया था। पुपिस (Pupis) तारामंडल के पास स्थित Gaia20ekh नाम के तारे के व्यवहार में अचानक बदलाव होने साथ ही इस घटना की शुरुआत होने लगी। यह तारा की सूर्य की तरह है। 

वैज्ञानिकों ने देखा कि पहले यह तारा सामान्य रूप से चमक रहा था, लेकिन वर्ष 2016 के बाद इसकी चमक अजीबोगरीब तरीके से कम होने लगी। फिर 2021 के बाद इसका व्यवहार और बदल गया। यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के शोधकर्ता त्जानिडाकिस ने बताया कि इस तरह के तारे, जो हमारे सूर्य की तरह होते हैं, ऐसा व्यवहार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि हम इस देखकर हैरान हो गए कि आखिर क्या हो रहा है?  वैज्ञानिकों ने कहा कि पहले उन्हें लगा कि शायद यह बदलाव तारे के भीतर किसी प्रक्रिया की वजह से हो रहा है। हालांकि, जब गहराई से अध्ययन किया गया, तो जानकारी सामने आई कि समस्या तारे में नहीं, बल्कि उसके आसपास हो रही थी। तारे के सामने धूल और चट्टानों का एक बहुत बड़ा गुबार आ रहा था, जिसकी वजह से उसकी रोशनी को ढक रहा था। धूल और मलबा तारे की चारों तरफ घूम रहा था।  

जब यह धूल का गुबार पृथ्वी और तारे के बीच पहुंचता तो तारे की रोशनी कम हो जाती थी। इसकी वजह से वैज्ञानिकों को तारे की चमक में बार-बार कम दिख रही थी। आगे जांच में पता चला कि यह धूल और चट्टानें अचानक नहीं आई थीं, बल्कि दो ग्रहों की आपस में टक्कर हुई थी। दोनों ग्रह उस तारे की परिक्रमा कर रहे थे। किसी वजह से दोनों की आपस में टक्कर हो गई थी, जिससे अंतरिक्ष में भारी मलबा फैल गया। 

त्जानिडाकिस ने बताया कि यह अद्भुत है कि विभिन्न दूरबीनों ने इस टक्कर को लगभग असली समय में देखा। उन्होंने कहा कि ऐसी बेहद कम घटनाएं देखी गई हैं। यह घटना खास इसलिए है कि इसमें पृथ्वी और चंद्रमा के निर्माण एक जैसा होने की स्थिति नजर आती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे ग्रहों की टक्करें ब्रह्मांड में आम हो सकती हैं, लेकिन उन्हें देख पाना मुश्किल होता है।