द्वाराहाट सीट पर टिकट बदलना भारी पड़ सकता है कांग्रेस और यूकेडी में होगी टक्कर

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द्वाराहाट एसकेटी डॉट कॉम

आखिरकार वही हुआ जो कांग्रेस और भाजपा के विरोधी गुट के लोग चाहते थे यहां से सेटिंग विधायक महेश नेगी का टिकट काट दिया गया है। हालांकि अनिल शाही भारतीय जनता पार्टी के काफी लंबे समय से कार्यकर्ता एवं जिला अध्यक्ष भी रहे हैं लेकिन जिस तरह से जमीनी पकड़ महेश नेगी कि क्षेत्र में बताई जाती है उससे निश्चित रूप से उनका टिकट काटना भाजपा के लिए यह सीट निश्चित रूप से बट्टे खाते में जाने की संभावना बढ़ गई है।

भारतीय जनता पार्टी इस सीट पर अब तक सिर्फ एक बार ही जीत पाई है। महेश नेगी के जमीन से जुड़े होने की वजह से वर्ष 2017 में भाजपा ने यह सीट 13000 से अधिक मतों से जीती थी। इससे पहले भाजपा यहां कभी भी दूसरे नंबर पर भी नहीं आ पाई थी। वर्ष 2002 के पहले चुनाव में उत्तराखंड क्रांति दल के विपिन त्रिपाठी ने यह सीट 4000 से अधिक मतों से जीती थी।।

तब भाजपा तीसरे नंबर पर रही थी उसके बाद के उपचुनाव में जब विपिन त्रिपाठी का देहांत हो गया था तो उनके पुत्र पुष्पेश त्रिपाठी ने यह सीट 5000 से अधिक मतों से जीती थी तब कॉन्ग्रेस दूसरे नंबर पर तथा भाजपा तीसरे नंबर पर रही थी। इसके बाद वर्ष 2007 के चुनाव में पुष्पेश त्रिपाठी ने एक बार फिर ढाई हजार के मतों से यह सीट जीती थी तब कांग्रेस और निर्दलीय मदन बिष्ट दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे थे। भाजपा पिछड़ गई थी। 2012 के चुनाव में कांग्रेस ने यह सीट जीती दूसरे नंबर पर यूकेडी के पुष्पेश त्रिपाठी रहे तथा तीसरे नंबर पर भाजपा रही। महेश नेगी के भाजपा में आने के बाद यहां के लोगों का रुझान उनकी चैंपियन छवि तथा मिलनसार व्यक्तित्व के चलते उनके पक्ष में लोगों ने जबरदस्त मतदान किया था ।

सत्ताधारी भाजपा के विधायक मदन बिष्ट को 13000 से अधिक मतों से पराजित किया था जबकि मदन बिष्ट उस समय सिटिंग विधायक थे। यूकेडी तीसरे नंबर पर चली गई। व्यक्तिगत कारणों से इस बार महेश नेगी को कांग्रेस पार्टी और भाजपा के विरोधी धड़े ने बदनाम करने की साजिश रची जिसमें वह सफल भी हुए और भाजपा ने उनका टिकट काटकर इस साजिश को सफल होने में मदद की है।

कोरोना काल में जिस तरह से महेश नेगी ने गांव में राषन वितरित किया लोगों को मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराएं ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई इसके अलावा गरीब और विधवा महिलाओं की बेटियों की शादी में अपने कोष से मदद कराई । विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में आई आपदा के दौरान महेश नेगी सबसे पहले खड़े हुए दिखते थे और अपने साथ अधिकारियों का दौरा भी करवाते थे ताकि लोगों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण हो सके कई क्षेत्रों में वह कई किलोमीटर पैदल चलकर लोगों की दिक्कतों के लिए खड़े हुए देखे गए।

विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाया विकास के रूप में कई मील के पत्थर साबित किए लेकिन एक व्यक्तिगत आरोप जो उन पर लगाया जाना विरोधी पार्टियों का उद्देश्य था जबकि उन्हें पुलिस द्वारा क्लीन चिट भी मिल गई थी इसके बावजूद पार्टी ने उनके विकास कार्य और उनकी हर जगह उपलब्ध होता को नजरअंदाज कर जिस तरह से टिकट का वितरण किया है उससे निश्चित रूप से भाजपा को यहां पर नुकसान उठाना पड़ सकता है ।

क्षेत्र के लोगों से बात करने पर यह बात सामने आई कि महेश नेगी ही कांग्रेस को टक्कर देने की स्थिति में थे लेकिन भाजपा ने इस बार जैसे कांग्रेस को वाक ओवर दे दिया और उनका टिकट काट दिया अनिल अनिल साही क्षेत्र में उपलब्ध रहते हैं लेकिन उनका जनाधार उस तरह का नहीं है जिस तरह का महेश नेगी का था।

महेश नेगी इससे पूर्व जब कांग्रेस में थे तो उन्होंने वहां से 2 चुनाव लड़े थे और क्षेत्र के हर व्यक्ति हर स्थान के बारे में वह बखूबी से जानते थे जिसका लाभ उन्हें 2017 में भी मिला पुलिस द्वारा विधानसभा क्षेत्र का आज तक का रिकॉर्ड रहा है कि इतने अधिक मतों से किसी भी प्रत्याशी ने जीत हासिल नहीं की है। महेश नेगी के समर्थकों में निराशा छाई हुई है इसके अलावा कई अन्य दावेदार भी थे जिनके ऊपर अनिल साही को टारजीह दी गई है। टिकट वितरण के बाद क्षेत्र के लोगों में निराशा होने की खबर आ रही है।

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