IANETL-2026 के दूसरे दिन नर्सिंग शिक्षा में नवाचार और आधुनिक तकनीक पर मंथन, सांस्कृतिक संध्या में विद्यार्थियों ने बिखेरे रंग

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ऑनलाइन व्याख्यान के दौरान अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा अपने अनुभवों से नर्सिंग छात्रों का मार्गदर्शन किया

हल्द्वानी, एसकेटी.कॉम

एमआईईटी कुमाऊँ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हल्द्वानी में आयोजित International Conference on Innovative Approaches in Nursing Education for Excellence in Teaching & Learning (IANETL-2026) के दूसरे दिन शैक्षणिक व्याख्यानों और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने नर्सिंग शिक्षा में नवाचार, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, आपातकालीन रोगी देखभाल और डिजिटल तकनीक की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:15 बजे दीप प्रज्वलन और सभी प्रतिनिधियों के स्वागत के साथ हुई। इस अवसर पर श्री शेखर सुंथा, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, नर्सिंग विभाग; सुश्री नेहा रौतेला, असिस्टेंट प्रोफेसर; तथा श्री गौरव नेगी, लेक्चरर ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। इसके बाद सुबह 10:30 बजे से ऑनलाइन व्याख्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें श्री अल्बिन जोसेफ वाई. ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।

इसके पश्चात डॉ. स्वप्निल विट्ठल रहाणे, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) इंस्ट्रक्टर एवं एसोसिएट प्रोफेसर, पारुल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, पारुल यूनिवर्सिटी, वडोदरा ने “The Golden Minutes: Understanding Adult Basic Life Support & the Chain of Survival” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने, बेसिक लाइफ सपोर्ट के महत्व तथा रोगी की जान बचाने में त्वरित कार्रवाई की भूमिका पर प्रकाश डाला।

इसके बाद कुवैत स्थित CCN Health Assurance Hospital के नर्सिंग सुपरवाइजर ने “Innovative Techniques in Case Study Teaching” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने केस स्टडी आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता, निर्णय लेने के कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने के महत्व पर चर्चा की।

अगले सत्र में डॉ. लेखा विश्वनाथ, प्राचार्य, अमृता कॉलेज ऑफ नर्सिंग, फरीदाबाद कैंपस ने “Advancing Nursing Excellence Through Competency Based Education” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि दक्षता-आधारित शिक्षा नर्सिंग विद्यार्थियों के व्यावसायिक कौशल को विकसित करने तथा उन्हें सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड काउंसिल फॉर बायोटेक्नोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों डॉ. कंचन कर्क, डॉ. मनिंदर मोहन और डॉ. सुमित पुरोहित को सम्मानित किया गया। उन्हें एमआईईटी कुमाऊँ के निदेशक डॉ. तरुण कुमार सक्सेना, श्री शेखर सुंथा तथा एसीआईसी देवभूमि फाउंडेशन के सीईओ डॉ. कमल सिंह रावत द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान और विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।

दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक भोजनावकाश रखा गया। इसके बाद मेडांता में एएनएस हेड (ट्रेनिंग एवं डेवलपमेंट) श्री हिमांशु जोशी ने “Student-Centered Learning: Helping Future Nurses Grow Through Problem-Based, Case-Based, and Team Learning” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने समस्या-आधारित, केस-आधारित और टीम-आधारित शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी, समस्या-समाधान क्षमता और व्यावहारिक दक्षता को बढ़ाने पर जोर दिया।

इसके पश्चात यूनाइटेड किंगडम के एनएचएस वेल्स में कार्यरत पंजीकृत मानसिक स्वास्थ्य नर्स श्री अर्नेस्ट लैमुएल ने “Bridging the Gap Between Theory and Clinical Practice: Future of Nursing Education in the Digital Era” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने सैद्धांतिक ज्ञान और नैदानिक अभ्यास के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से नर्सिंग शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। इन व्याख्यानों ने प्रतिभागियों को नर्सिंग शिक्षा की बदलती आवश्यकताओं और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को समझने का अवसर प्रदान किया।

शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे तक हाई-टी का आयोजन किया गया। इसके बाद शाम 5:00 बजे भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा कार्यक्रम में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एमआईईटी कुमाऊँ के प्रबंध निदेशक डॉ. बी. एस. बिष्ट ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया।

अपने संबोधन में श्री अजय टम्टा ने उत्तराखंड, विशेष रूप से कुमाऊँ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डाला। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग क्षेत्र में नई परियोजनाओं, बेहतर सड़क संपर्क और आधारभूत संरचना के विकास के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हुई विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज सहित क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा की। उनके संबोधन ने क्षेत्रीय विकास, सांस्कृतिक संरक्षण, बेहतर सड़क संपर्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को रेखांकित किया।

सांस्कृतिक संध्या के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य, रैंप वॉक और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उल्लास का वातावरण बनाया तथा विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया। उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की।

इसके बाद रात 8:00 बजे से 9:00 बजे तक रात्रिभोज का आयोजन किया गया, जिसके पश्चात दूसरे दिन के कार्यक्रमों का समापन हुआ।

IANETL-2026 का दूसरा दिन नर्सिंग शिक्षा में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और सांस्कृतिक सहभागिता का महत्वपूर्ण संगम रहा। सम्मेलन ने शिक्षकों, विद्यार्थियों और विशेषज्ञों को अपने अनुभव साझा करने, नवीन विचारों से परिचित होने तथा नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रेरित किया। सम्मेलन का अंतिम दिन 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।

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