पेशा-कांस्टेबल, 30 करोड़ की संपत्ति, 9 गाड़ियां-33 प्रॉपर्टी… 24 साल की नौकरी में फिरोज खान बन गया ‘धनकुबेर’
मध्य प्रदेश में फिरोज खान से जुड़े मामले में उसकी पत्नी और मां के नाम पर संचालित ट्रेडिंग कंपनी तथा इन्वेस्टमेंट फर्म के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
पुलिस विभाग में तैनात एक हेड कांस्टेबल के ठिकानों पर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को छापेमारी की. इंदौर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पदस्थ हेड कांस्टेबल और ड्राइवर फिरोज खान के पास जांच में 30 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है. साथ ही नौ गाड़ियां, 21 बैंक खातों और 33 संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं.
Firoz Khan Lokayukta Raid: मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस विभाग में तैनात एक हेड कांस्टेबल के ठिकानों पर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को छापेमारी की. इंदौर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पदस्थ हेड कांस्टेबल और ड्राइवर फिरोज खान के पास जांच में 30 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है. साथ ही नौ गाड़ियां, 21 बैंक खातों और 33 संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं.
फिरोज खान की पुलिस विभाग में भर्ती वर्ष 2002 में हुई थी. करीब 24 साल की सेवा के दौरान उसे मिलने वाला कुल वेतन लगभग 75 लाख रुपये आंका जा रहा है. इसके मुकाबले उसके पास 30 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का शुरुआती आकलन सामने आया है.
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि एक पुलिसकर्मी की ज्ञात आय और उसकी संपत्ति के बीच इतना बड़ा अंतर कैसे आया. हालांकि, संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन और आय से अधिक संपत्ति की अंतिम गणना विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
नौ गाड़ियां, 21 बैंक खाते और 33 संपत्तियों के दस्तावेज
लोकायुक्त की तलाशी में फिरोज खान से जुड़ी संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन के कई रिकॉर्ड मिलने की जानकारी सामने आई है. इनमें नौ वाहनों के दस्तावेज, 21 बैंक खातों से संबंधित जानकारी और 33 संपत्तियों के दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं.
इंदौर, देवास और उज्जैन में भी उसके नाम से जुड़ी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं. अब इन संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद के समय किए गए भुगतान और निवेश में इस्तेमाल की गई रकम की जांच की जा रही है.
पत्नी, मां और गर्लफ्रेंड के नाम पर भी संपत्ति
जांच में फिरोज खान की गर्लफ्रेंड के नाम पर संपत्ति कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है. इसके अलावा उसकी पत्नी और मां के नाम से ट्रेडिंग कंपनी तथा इन्वेस्टमेंट फर्म संचालित किए जाने की बात कही जा रही है. लोकायुक्त इन कंपनियों के रिकॉर्ड, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रहा है. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन फर्मों के जरिए कितना पैसा आया, कहां निवेश किया गया और संबंधित संपत्तियों के लिए रकम किन स्रोतों से जुटाई गई.
जमीन के मामलों की भी जांच
मामले में यह जानकारी भी सामने आई है कि फिरोज खान पिछले कुछ वर्षों से पुलिस की नौकरी से गैरहाजिर बताया जा रहा था. ऐसे में उसकी आर्थिक गतिविधियां और आय के स्रोत जांच के अहम बिंदु बन गए हैं.
आरोप है कि वह शेयर बाजार में निवेश के अलावा इन्वेस्टमेंट फर्मों के जरिए भी आर्थिक गतिविधियां संचालित करता था. विवादित जमीनों के मामलों में पुलिस विभाग से जुड़े प्रभाव का इस्तेमाल कर निपटारा कराने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है.
फिलहाल लोकायुक्त संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खातों के लेनदेन, कंपनियों के रिकॉर्ड और आय के ज्ञात स्रोतों का मिलान कर रहा है. जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि फिरोज खान के पास कितनी संपत्ति आय से अधिक है और इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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