जानिए किस भर्ती को लेकर पहुंचा नैनीताल हाईकोर्ट में मामला, दायर हुई याचिका,कोर्ट ने मांगा जवाब

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राज्य में एक तो बेरोजगारी की मार ऊपर से कोरोना का कहर इन सबके बीच में युवा वर्ग पिस कर रहे गया है । क्योंकि कोरोना काल के कई ऐसे अभ्यर्थी है जिनकी आयु सीमा या तो विभाग के द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुरूप हो गई है या फिर बढ़ गई है और अब एक ऐसा ही मामला नैनीताल हाईकोर्ट में पहुंचा है जिसमें हाई कोर्ट ने लोकसेवा आयोग द्वारा जारी सहायक अभियोजन अधिकारी भर्ती से सम्बंधित याचिका पर सुनवाई की। और विज्ञप्ति की अंतिम तिथि को बढ़ाने को लेकर दायर याचिका पर खंडपीठ ने सचिव लोक सेवा आयोग उत्तराखंड से पूछा है कि क्या एग्जाम की तारीक में बदलाव कर अभ्यथियों को राहत नहीं मिल सकती है।

जबकि कोरोना के चलते कई अभ्यर्थी अपनी आयु सीमा के नजदीक हैं। 23 अगस्त तक शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट को अवगत कराएं। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई।इस मामले में देहरादून निवासी राजीव मुयाल ने याचिका दायर कर कहा है कि, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा 2 अगस्त 2021 को एपीओ पदों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की गई। जिसमें आवेदन और दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 23 अगस्त है। जबकि कई विधार्थी 23 अगस्त तक अपने फाइनल एक्ज़ाम नहीं दे पा रहे हैं।

याचिकाकर्ता का कहना है कि अभ्यथियों को राहत देते हुए दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि उन्हें एपीओ के पदों पर आवेदन करने का मौका मिल सके। पिछले डेढ़ साल कोरोना होने के कारण कई अभ्यर्थी निर्धारित उम्र से बाहर हो गए या होने वाले हैं। उनको भी छूट दी जानी चाहिए। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा सीधी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इनमे अभियोजन विभाग के अंतर्गत सहायक अभियोजन अधिकारी के कुल 63 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए 23 अगस्त 2021 तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।कुल 63 पदों में से 31 पद सामान्य वर्ग के लिए, 13 उत्तराखंड अनुसूचित जाति के लिए, एक उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति के लिए, 12 उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए और 6 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए हैं।इन पदों के लिए आयु सीमा न्यूनतम 21 से लेकर अधिकतम 42 साल निर्धारित है। वही किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विधि स्नातक की उपाधि होना अनिवार्य है।

आवेदन शुल्क सामान्य आर्थिक रूप से कमजोर और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए ₹150 है। उत्तराखंड अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए ₹60 है। जबकि अनाथ बच्चों और दिव्यांगों के लिए कोई शुल्क नहीं है।वही इन पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा कुल 200 अंकों की होगी, जिसमें 100 अंक सामान्य ज्ञान और 100 अंक विधि से संबंधित होंगे। इनके लिए 1:30-1:30 घंटे का समय मिलेगा। मुख्य परीक्षा 400 अंकों की होगी। इसके अंतर्गत कुल 4 विषयों के पेपर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही 50 अंकों का इंटरव्यू होगा।इस परीक्षा के लिए 6 नगरों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। जिनमें हल्द्वानी, हरिद्वार, देहरादून, श्रीनगर, अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर शामिल है।

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