पुलिस का मानवीय चेहरा कमल कोरंगा

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कोरोना की वजह से सभी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन कई गरीब परिवार के सामने बहुत सी परेशानियां कोरोना के चलते खड़ी हो गई और ज्यादा तर परेशानियां गरीब परिवार वालों के सामने बच्चों की पढ़ाई को लेकर सामने आई बता दें कि हल्द्वानी में भी एक ऐसा ही मामला सामने आ रहा है यहां पर उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में 94.6% अंक हासिल करने वाले मजदूर के होनहार बेटे गजेंद्र चिलवाल के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं होने की वजह से ऑनलाइन पढ़ाई नहीं हो पा रही है,

जिसके बाद इस बात का पता जब हल्द्वानी के सीपीओ प्रभारी कमल कोरंगा को चला तो नया आईपैड खरीद कर होनहार छात्र के घर पहुंच गए और गजेंद्र को आईपैड दिया जिसके बाद गजेंद्र की खुशी का ठिकाना नहीं रहा जानकारी के अनुसार हरगोविंद सुयाल विद्या मंदिर में कक्षा 10 में पढ़ने वाले गजेंद्र चिलवाल के पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं और वर्तमान के समय में उनकी बीमारी के चलते परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो चुकी है परिवार वाले पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन खरीदने में असमर्थ हैं वही गजेंद्र का सपना है कि वह आगे जाकर आईएएस बने गजेंद्र उत्तराखंड बोर्ड के हाई स्कूल में 94.6 फ़ीसदी अंक पाकर स्कूल में दूसरा स्थान प्राप्त किया है स्कूल बंद होने के चलते ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है ।

लेकिन इस स्मार्टफोन ना होने की वजह से गजेंद्र को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है पता दे सीपीयू प्रभारी कमल कोरंगा का कहना है कि बचपन में उन्होंने भी पढ़ाई के दौरान काफ़ी कठिनाइया उठाई वह भी आगे पढ़ाई करना चाहते थे लेकिन घर की स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से आगे पढ़ाई नहीं कर पाए ऐसे में उन्होंने इस बच्चे के भविष्य को देखते हुए इस तरह की पहल की है जिससे कि गजेंद्र अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखें उन्होंने आश्वासन दिया कि गजेंद्र कि आगे भी सहायता करते रहेंगे सीपीयू प्रभारी की इस पहल को नैनीताल पुलिस ने अपने फेसबुक पेज पर लगाकर सीपीयू प्रभारी कमल कोरंगा की तारीफ की।

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1 thought on “पुलिस का मानवीय चेहरा कमल कोरंगा

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