खुलासा- पेपर लीक मामले में हाकम ने लिया विधायक के भाई का नाम, राजनीति गरमाई

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राज्य में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक मामले में अब तक उत्तराखंड एसटीएफ के द्वारा 18 गिरफ्तारियां कर ली गई है इन गिरफ़्तारियों में पेपर लीक गिरोह के कई नामी लोगों के नाम सामने आते जा रहे हैं और एसटीएफ की टीम ने जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत को हिमाचल बॉर्डर से गिरफ्कार किया है जो की बैंकॉक गया हुआ था. वहीं हाकम की गिरफ्तारी के बाद अब उत्तरकाशी के कई व्यक्तियों के नाम सामने आ रहे हैं। जिनमें से एक विधायक का भाई बताया जा रहा है. इससे फिर से शासन में हड़कंप मच गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विधायक के भाई के छह करीबी व्यक्तियों का चयन इस परीक्षा में हुआ है। सूत्रों के अनुसार ये सभी एसटीएफ की रडार पर हैं। UKSSSC पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने मास्टरमाइंड भाजपा नेता औऱ मोरी के जखोल निवासी जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत को 12 घंटे की पूछताछ के बाद बीते दिन गिरफ्तार किया।

हाकम सिंह आलीशान जिंदगी जीता है. वो जांच से पहले पांच बार थाईलैंड जा चुका है। खबर है कि उसके वहां होटल भी हैं और चार पांच बैंक खाते हैं.हाकम ने पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं. हाकम सिंह ने देहरादून और यूपी धामपुर में 55 से 60 अभ्यर्थियों से पेपर हल करवाए थे। इसके बदले उसने हर अभ्यर्थी से 12 से 15 लाख रुपये लिए। इस मामले में एसटीएफ अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।

सटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि हाकम सिंह के परिचित उत्तराखंड और यूपी के कुछ अन्य सफेदपोशों के शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है. पुख्ता सुबूत मिलने के बाद उन सभी की गिरफ्तारी की जाएगी। एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि हाकम सिंह के लेन-देन का हिसाब उत्तरकाशी के राजकीय इंटर कालेज (मोरी) में तैनात व्यायाम शिक्षक तनुज शर्मा रखता था।

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