ट्रांसफर पोस्टिंग के अलावा बैक डोर,बैकडेट से नियुक्तियों पर हरदा ने धामी को घेरा, शिक्षा विभाग डैमेज कंट्रोल में जुटा धामी की छबि को धक्का

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देहरादून एसकेटी डॉट कॉम

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सीएम पुष्कर सिंह धामी पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए विभिन्न प्रकार की भर्तियों बैक डोर से किए जाने पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से इसमें दखल देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में बैक डोर से बैक डेट मैं हजा सैकड़ों शिक्षकों के ट्रांसफर और मनचाही पोस्टिंग में बड़ा खेल हुआ है। इसके अलावा चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को शराब पहुंचाने के लिए मनमाने ढंग से बड़े अधिकारी का ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा जिस विभाग पर शराब को रोकने की जिम्मेदारी थी उसे ही शराब भिजवाने का माध्यम बनाया जा रहा है।

अभी चुनाव आचार संहिता को बमुश्किल 48 घंटे गुज़रे हैं और बैकडोर-बैकडेट तबादले-पोस्टिंग पर देवभूमि दंगल में ज़बरदस्त जुबानी जंग छिड़ चुकी है। इस मुद्दे पर जहां पूरी कांग्रेस आक्रामक होकर भाजपा पर हल्लाबोल रही, वहीं बैकफुट पर आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर जवाबी हमले को मैदान में उतरना पड़ा है। हरदा जहाँ धन के खुले खेल और आचार संहिता के मखौल का आरोप लगा रहे, वहीं सीएम धामी ने तमाम आरोपों को नकारते हुए बाइस बैटल को ‘भाजपा के काम बनाम कांग्रेस के कारनामे’ करार दिया है।

दरअसल, हरदा ने रविवार को ही आक्रामक रुख अख़्तियार करते हुए सोशल मीडिया पर एक के बाद एक टीचर्स ट्रांसफर, को-ऑपरेटिव और आयोगों-समितियों में बैकडोर-बैकडेट नियुक्तियों से लेकर आबकारी आयुक्त पर हल्लाबोल किया।
सोमवार को हरदा ने बाक़ायदा प्रेस कॉंफ़्रेंस बुलाकर धामी सरकार को कटघरे में खड़ा किया और आरोप लगाया कि आचार संहिता का खुला उल्लंघन करते हुए सचिवालय में पैसे का खुला खेल खेला गया है और चुनाव में प्रशासन की मदद से शराब बाँटने की तैयारी भी कर ली गई है। रावत ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि आबकारी अधिकारियों को भाजपा उम्मीदवारों को शराब पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस विभाग के पास इसे रोकने की ज़िम्मेदारी है उसे ही कैरियर बनाया गया तो प्रदेश मदिरामय हो जाएगा।

हरीश रावत ने आबकारी विभाग के एक शासनादेश के ज़रिए करोड़ों रुपए का खेल खेलने के लिए आबकारी कमिश्नर तक को बदल देने का आरोप लगाया। रावत ने शिक्षा, सहकारिता से लेकर स्वास्थ्य महकमे में बड़ी तादाद में चहेतों को बैक डोर पोस्टिंग देने का आरोप भी लगाया।

हरीश रावत ने कहा कि चुनाव आयोग को भेजी कांग्रेस की शिकायत को लेकर कहा कि छुट्टी के दिन दफ़्तर खुलवाकर शर्मनाक तरीक़े से 600 से अधिक आदेश निकाले गए हैं और इनकी संख्या अधिक भी हो सकती है।

दरअसल धानी सरकार को विपक्ष उन राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी कटघरे में खड़ा कर रहा है जिनके बारे में जानकारी आचार संहिता लगने के बाद सामने आ रही हैं। इस मुद्दे पर हरीश रावत ने आरोप लगाया कि आचार संहिता लगने के बाद बड़े पैमाने पर राजनीतिक नियुक्तियां की गई जो चुनाव आयोग के नियमों का खुला मखौल है। रावत ने आयोग से ऐसे अधिकारियों पर एक्शन की माँग की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संवैधानिक पदों पर जो पोस्टिंग आख़िरी समय में की हैं उनकी कांग्रेस सत्ता में आने पर उन्हें रद्द करेगी और जाँच कराएगी। रावत ने पेट्रोल पंपों पर प्रधानमंत्री मोदी की फ़ोटो और राशन किटों पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीर पर भी ऐतराज़ जताया है।

रावत ने 4600 ग्रेड पे की मांग कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ न्याय करने की बात भी कही। वहीं सीएम धामी ने कहा कि जिन लोगों ने काम की जगह कारनामे किए वे अब लोगों को बरगला रहे। धामी ने कहा कि हमने काम किए हैं और जनता के बीच 10 साल का विजन डॉक्यूमेंट लेकर आए हैं। यह चुनाव काम करने वालों और कारनामे वालों के बीच का है।

इस बीच शिक्षकों के तबादलों पर सियासी संग्राम छिड़ने पर डैमेज कंट्रोल करने को जागे शिक्षा महकमे ने निर्देश जारी कर कहा है कि ट्रांसफ़र्स को लेकर चुनाव आचार संहिता का पालम किया जाएगा। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम द्वारा जारी आदेश पत्र में माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग को तबादलों को लेकर चुनाव आचार संहिता का अनुपालन करने को कहा गया है। ज्ञात हो कि सैंकड़ों शिक्षकों के तबादले को लेकर कांग्रेस लगातारहमलावर हो रही है।

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