हाकम ने मुँह खोला तो कई आईएएस-पीसीएस के रिश्तेदारों की नौकरियां लग जाएंगी दाँव पर,तो कई नपेंगे सरकारी ज़मीन दबाने के आरोप मे

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देहरादून एसकेटी डॉट कॉम

हाकम सिंह सिर्फ पेपर लीक का मास्टरमाइंड ही नहीं बल्कि वह कई अन्य मामलों काफी मास्टरमाइंड है उसने कई अधिकारियों को लाखों की जमीन भी भेजी है बगीचों को भी अधिकारियों को सस्ते दामों में दिलाया है इसके साथ ही अधिकारियों ने अपने रसूख का फायदा उठाते हुए थोड़ी जमीन खरीद के उसके अगल बगल की सिविल सोयम एवं वन भूमि की जमीन को भी कब्जे में ले लिया है भूमि घोटाला भी अगर इस जांच में सामने आ जाता है तो बड़े बड़े अधिकारियों को नौकरी गवाने के साथ अवैध जमीन कब्ज़ाने जाने के आरोप में हाकम के साथ जेल में भी दोस्ती निभानी पड़ सकती है.

हाकम सिंह ने उत्तराखंड के कई आईएएस, पीसीएस और पुलिस अधिकारियों को हर की पैड़ी,दून, मोरी, पुरोला इत्यादि जगहों में कई नाली जमीन बेची हुई है और उसने कईयों को सेब के बगीचे भी बेचे हैं। इन अधिकारियों ने कुछ नाली सरकारी जमीन खरीदने के बाद बाकी जमीनों पर बड़े स्तर पर कब्जा किया हुआ है।

कुल मिलाकर हाकम सिंह की पहुंच बहुत ऊंची है और उत्तराखंड के तकरीबन हर बड़े अधिकारी के साथ हाकम सिंह का कनेक्शन हैं। इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि यह पहली बार नहीं है कि हाकम सिंह ने कोई परीक्षा इतने बड़े स्तर पर लीक करवाई हो। इससे पहले भी हाकम सिंह ने कई परीक्षाओं में पैसे लेकर परीक्षार्थियों की भर्ती करवाई है।

इसके एवज में उसने उनसे लाखों रुपए लिए हैं और उनकी भर्ती पक्की कराई है। इस बात के कई सबूत भी मिल चुके हैं।2002 में हाकम सिंह ने उत्तरकाशी के एक चर्चित जिलाधिकारी के घर से कुक का काम करना शुरू किया और उसके बाद धीरे-धीरे उसने अपने संपर्क बनाने शुरू किए।

इसके बाद ग्राम प्रधान और जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद हाकम सिंह अपना कद बढ़ाता चला गया और उसने एक रिजॉर्ट बनाकर उसमें सरकारी विभागों के अफसरों और सचिवालय के अफसरों को बुलाना शुरू किया और इसके बाद उसने कई परीक्षाओं में धांधली कर और उसके बदले पैसे लेकर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया। उसके बाद वह बन गया नकल माफिया।

ऐसा माना जा रहा है कि कई बड़े अधिकारियों ने अपने अपने कई रिश्तेदारों और सगे संबन्धियों की नौकरियां हाकम सिंह से ली हैं और इसके बदले में उसको मोटा पैसा दिया है।अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अलावा राज्य में पंतनगर तकनीकी विश्वविद्यालय और दूसरी कई परीक्षा एजेंसियों में भी धांधली की शिकायतों के तार हाकम सिंह से ही होकर गुजरते हैं और कहीं ना कहीं हाकम सिंह का कनेक्शन तकरीबन हर जगह है।

वर्ष 2020 से 21 में हुए परीक्षा में तकरीबन 80 परसेंट अधिकारियों के रिश्तेदार और बच्चों का सिलेक्शन हुआ। कुल मिलाकर उत्तराखंड में पिछले कई सालों से हो रही भर्तियों के अंदर धांधली होने के आरोप और अधिक पुख्ता होते जा रहे हैं और इससे प्रशासन और सरकार के ऊपर एक बड़ा सवाल खड़ा होता है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कह दिया है कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी यूकेएसएसएससी परीक्षा लीक के मामले में दोषी पाए जाएंगे उनके ऊपर कड़ी कार्यवाही की जाएगी

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