हलद्वानी का पीएसपी हॉस्पिटल बना विदेशी मरीजों की उम्मीद का किरण
साउथ कोरिया के मरीज की ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी” का हाउस सफल ऑपरेशन
सात समुंदर पार से पहुंचे मरीज का भारत के प्रसिद्ध ब्रेकियल प्लेक्सस सर्जन ब्रिगेडियर डॉ. पी एस भंडारी ने पीएसपी में किया सफल ऑपरेशन
हल्द्वानी skt. com
हल्द्वानी का डीएसपी हॉस्पिटल जोगी रामपुर रोड में सुशीला तिवारी अस्पताल के बगल में स्थित है स्थानीय मरीज के साथ देश के विभिन्न हिस्सों और अब विदेश के मरीज के लिए भी उम्मीद की किरण बनता जा रहा है डीएसपी हॉस्पिटल में कार्यरत ब्रिगेडियर डॉक्टर स भंडारी ने मंगोलिया के मूल निवासी वर्तमान में साउथ कोरिया के रहने वाले बात्सुख गंदुलगा के हाथ का सफल ऑपरेशन कर उन्हें उम्मीद की नई किरण दी।
मंगोलिया के रहने वाले बात्सुख गंदुलगा , जिनकी जिंदगी एक सड़क हादसे के बाद पूरी तरह बदल गई थी।
मंगोलिया निवासी बात्सुख गंदुलगा दक्षिण कोरिया की राजधानी सिओल में काम करते हैं।
सितंबर 2025 में बाइक दुर्घटना के दौरान उनके दाएं हाथ में गंभीर चोट लग गई। हादसे के बाद उनका हाथ पूरी तरह काम करना बंद कर चुका था। दक्षिण कोरिया और मंगोलिया के डॉक्टरों को दिखाने के बाद उन्हें सफलता नहीं मिली उन्होंने गूगल और यूट्यूब के माध्यम से खोजना शुरू किया तो उन्हें भारत के प्रसिद्ध ब्रेकियल प्लेक्सस सर्जन ब्रिगेडियर डॉ. पी एस भंडारी के बारे में पता लगा जो पी एस पी अस्पताल हल्द्वानी में कार्यरत हैं।
लगातार बढ़ती निराशा के बीच उन्हें भारत में एक उम्मीद की किरण दिखायी दी। इसके बाद बात्सुख ने डॉक्टर से संपर्क किया और मन में आशा लेकर भारत पहुंचे।
हल्द्वानी स्थित पी एस पी अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि उन्हें “ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी” है। यह एक बेहद जटिल और दुर्लभ चोट होती है, जिसमें कंधे से हाथ तक जाने वाली नसें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसके कारण हाथ की गतिविधियाँ लगभग समाप्त हो जाती हैं। यह समस्या अक्सर सड़क दुर्घटनाओं, ऊंचाई से गिरने या पहाड़ी हादसों में देखने को मिलती है।
डॉ. पी. एस. भंडारी और उनकी टीम ने 8 जून 2026 को बात्सुख का लगभग पांच घंटे लंबा सफल माइक्रो सर्जरी ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद मरीज ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही उनके हाथ में दोबारा मूवमेंट शुरू हो सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेकियल प्लेक्सस इंजरी का इलाज एक बहुत ही जटिल सर्जरी है और जल्दी से रिजल्ट नहीं आते हैं, हाथ में जल्दी से प्रतिक्रिया नहीं आती है इसीलिए मरीज अनुभवी विशेषज्ञों से इलाज कराना ही पहली प्राथमिकता रखते हैं।
हल्द्वानी का पी एस पी अस्पताल आज इसी वजह से राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।
ब्रिगेडियर डॉ. पी एस भंडारी ने पिछले एक दशक में पिथौरागढ़ से लेकर पौड़ी तक उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों, सड़क दुर्घटनाओं और पहाड़ों से गिरकर घायल हुए मरीजों का इलाज किया साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से आये मरीजों और एशिया, अफ्रीका से आये मरीजों का भी डॉ भंडारी द्वारा इलाज किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हल्द्वानी अब तेजी से उभर रहा है। कभी इलाज के लिए महानगरों पर निर्भर रहने वाला यह शहर आज विश्व मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।
हल्द्वानी में हो रहे इस तरह जटिल ऑपरेशन से अब हल्द्वानी का नाम पूरे भारत के अलावा विश्व में ख्याति प्राप्त कर रहा है ।ब्रिगेडियर डॉक्टर पी एस भंडारी के पास ऑपरेशन करने के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों से भी मरीज आ रहे हैं । डॉ भंडारी और डीएसपी के इस तरह के स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भारत के कई राजनीतिक सामाजिक और चिकित्सा से जुड़े लोगों ने इस पहल की भूरी भूरी प्रशंसा की है
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