हल्द्वानी :(बड़ी खबर) गर्दन चटकाने के नाम पर महिला की मौत, पहलवान पर आरोप

हल्द्वानी। गर्दन के दर्द का इलाज कराने गई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने कालाढूंगी रोड स्थित एक व्यक्ति पर मालिश के बाद महिला की गर्दन जोर से हिलाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।
जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ निवासी रामचंद्र दमुवादूंगा क्षेत्र में परिवार के साथ रहते हैं और निजी नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी मीनाक्षी की गर्दन में पिछले कुछ समय से दर्द था और करीब चार-पांच माह से उसका इलाज सुशीला तिवारी अस्पताल में चल रहा था।रामचंद्र के मुताबिक, शनिवार को लोगों के कहने पर वह अपनी पत्नी को कालाढूंगी रोड स्थित एक व्यक्ति के पास लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि वहां मालिश करने के बाद उक्त व्यक्ति ने मीनाक्षी की गर्दन को जोर से हिला दिया। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।घटना के बाद परिजन महिला को बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने परिजनों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। महिला की मौत की वास्तविक वजह जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सूत्रों से प्राप्त सूचना के आधार पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नैनीताल डॉ. रश्मि पंत एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हल्द्वानी डॉ. रजत भट्ट द्वारा प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कालाढूंगी रोड, गुरुद्वारे के समीप स्थित नईम पहलवान (कथित झोलाछाप) की दुकान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकान बंद पाई गई।
इसके उपरांत स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बेस चिकित्सालय, हल्द्वानी पहुंचकर मृतका मीनाक्षी, उम्र 24 वर्ष के संबंध में चिकित्सालय से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार मीनाक्षी को अस्पताल लाए जाने पर चिकित्सकों द्वारा ब्रॉट डेड (मृत अवस्था में लाया गया) बताया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की तथ्यात्मक जानकारी एकत्र करने एवं नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों एवं बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के उपचार करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। ऐसे मामलों में नियमानुसार जांच करते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि उपचार के लिए केवल पंजीकृत एवं वैध चिकित्सकीय योग्यता रखने वाले चिकित्सकों तथा अधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों से ही चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्राप्त करें।
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