गजराज का एलान लडेंगे चुनाव जीतेंगे जंग

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हल्द्वानी एसकेटी डॉट कॉम

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महासचिव एवं मंडी परिषद के अध्यक्ष रहे गजराज बिष्ट ने आज कुसुम खेड़ा के मीराज वेंकट हॉल में अपने समर्थकों के साथ रायशुमारी कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया पुलिस तब उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनके साथ अन्याय ही नहीं बल्कि नफरत भरा व्यवहार भी किया है।

विगत 25 सालों से वह पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और टिकट मांग रहे हैं हर बार उन्हें किसी ने किसी बहाने से डालते रहे। इस बार भी उनके साथ ऐसे ही हुआ पार्टी ने कैबिनेट मंत्री के दिए सारे नियमों को तोड़ दिया 70 प्लस होने के बावजूद उन्हें टिकट दिया गया।

पूरे 5 राज्यों में चुनाव के दौरान एक नियम बनाया गया कि किसी भी मेयर को टिकट नहीं दिया जाएगा लेकिन इसके बावजूद हल्द्वानी में मेयर को टिकट दिया गया। पार्टी ने एक नियम बनाकर यह कहा था कि 70 वर्ष से ऊपर और किसी मेयर के पद पर बैठे व्यक्ति को टिकट नहीं दिया जाएगा।

गरीब होने के कारण न सिर्फ उनका कालाढूंगी से टिकट काटा बल्कि माना यह जा रहा है कि उन्हें 5 दिन तक यह कहकर रोका गया कि हल्द्वानी से उन्हें टिकट दे दिया जाएगा लेकिन इसके बावजूद जब छठे दिन घोषणा हुई तो उनका कहीं भी नाम नहीं था पार्टी ने उनके साथ न्याय नहीं किया। इसके इसके अलावा उनके प्रति नफरत का भाव भी जगाया है सैकड़ों हजारों की संख्या में लोगों ने आज यहां पहुंच कर उन्हें यह फैसला लेने को मजबूर किया है कि वह अब निर्दलीय ताल ठोकेंगे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री ने मेरे निर्जरी लड़ने पर यह कहा कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है लेकिन उत्तराखंड की इस कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने इस चने को जूते हुए खेत में डाल दिया है उस पर हजारों में लाखों की संख्या में चने पैदा हुए और वह इसी चुनाव में भाद को छोड़ देंगे। अब यह पता चलेगा कि किस के माथे पर रिहाई राजयोग लिखा हुआ है। इस दौरान कई लोग शामिल रहे जिनमें हल्द्वानी और कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कई पूर्ण प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य शामिल रहे हैं।

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