300 यूनिट तक फ्री बिजली ! पंखा-AC चलाने पर भी नहीं देना पड़ेगा बिल, जाने पूरी योजना ?

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300 यूनिट तक फ्री बिजली ! पंखा-AC चलाने पर भी नहीं देना पड़ेगा बिल, जाने पूरी योजना ?

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी रूफटॉप सोलर योजना है, जिसके तहत आवासीय परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सीधे बैंक खाते में सब्सिडी दी जाती है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।

क्या है PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना?

योजना का नाम: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना
 अन्य नाम: रूफटॉप सोलर योजना
 लॉन्च तिथि: 15 फरवरी 2024
 लाभार्थी: देश के आवासीय परिवार
 सब्सिडी राशि: 30,000 रुपये से 78,000  रुपये तक
 बिजली लाभ: हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली
 आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन
 हेल्पलाइन नंबर: 15555

योजना का उद्देश्य

देश के एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाना।
घरेलू बिजली खर्च को कम करना।
जीवाश्म ईंधन और बिजली सब्सिडी पर निर्भरता घटाना।
स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देना।
कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना।

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

सरकार रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर निम्नलिखित सब्सिडी प्रदान करती है—
2 किलोवाट तक : 30,000 रुपये प्रति किलोवाट
2 से 3 किलोवाट तक अतिरिक्त क्षमता : 18,000 रुपये प्रति किलोवाट
3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता : अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी

सब्सिडी की राशि संयंत्र की स्थापना और डिस्कॉम की मंजूरी के बाद 30 दिनों के भीतर सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

बिजली खपत के हिसाब से उपयुक्त सोलर प्लांट और सब्सिडी

0 से 150 यूनिट मासिक बिजली खपत: 1 से 2 किलोवाट (kW) क्षमता का सोलर प्लांट उपयुक्त रहेगा। इस पर 30,000 रुपये से 60,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है।

150 से 300 यूनिट मासिक बिजली खपत: 2 से 3 किलोवाट (kW) क्षमता का सोलर प्लांट उपयुक्त माना जाता है। इस पर 60,000 रुपये  से 78,000 रुपये  तक की सब्सिडी मिलेगी।

300 यूनिट से अधिक मासिक बिजली खपत: 3 किलोवाट (kW) से अधिक क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जा सकता है। हालांकि, इस श्रेणी में अधिकतम 78,000 रुपये तक की ही सब्सिडी मिलेगी।

अब तक 26 लाख से ज्यादा घर रोशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देशभर में अब तक 26 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, 19 मार्च 2026 तक योजना के तहत 26.19 लाख से ज्यादा सोलर इंस्टॉलेशन किए गए हैं और लाभार्थियों को करीब 17,967 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

राज्यों में अतिरिक्त सब्सिडी

कुछ राज्य केंद्र सरकार की सब्सिडी के अलावा अतिरिक्त सहायता भी दे रहे हैं।

गुजरात : 10,000 रुपये प्रति किलोवाट तक अतिरिक्त लाभ।

दिल्ली : 2,000 रुपये  प्रति किलोवाट तक अतिरिक्त सब्सिडी।

उत्तर प्रदेश : 15,000 रुपये प्रति किलोवाट, अधिकतम 30,000 रुपये तक।

राजस्थान : पात्र परिवारों को 17,000 रुपये अतिरिक्त सहायता।

योजना के फायदे

बिजली बिल में भारी कमी।

हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली।

इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग में सुविधा।

सोलर उद्योग में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा और कार्बन उत्सर्जन में कमी।

सरकार की बिजली सब्सिडी पर खर्च में कमी।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।

गरीब या मध्यम आय वर्ग से होना चाहिए।

आवेदक के पास स्वयं का घर और उपयुक्त छत होनी चाहिए।

वैध बिजली कनेक्शन होना अनिवार्य है।

किसी अन्य सोलर सब्सिडी योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।

कैसे करें आवेदन?

योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

‘कंज्यूमर’ सेक्शन में जाकर ‘Apply Now’ पर क्लिक करें।

मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन करें।

‘Apply for Solar Rooftop’ विकल्प चुनकर आवेदन भरें।

डिस्कॉम से स्वीकृति मिलने के बाद पंजीकृत विक्रेता का चयन करें।

सोलर पैनल लगने और निरीक्षण पूरा होने के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

इन राज्यों में सबसे ज्यादा लगे सोलर पैनल

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक—

गुजरात : 5,93,899 इंस्टॉलेशन
महाराष्ट्र : 4,90,489 इंस्टॉलेशन
उत्तर प्रदेश : 4,20,823 इंस्टॉलेशन
केरल : 2,09,641 इंस्टॉलेशन
राजस्थान : 1,59,566 इंस्टॉलेशन
मध्य प्रदेश : 1,04,458 इंस्टॉलेशन

PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे न केवल लोगों के बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।