दक्षिण बनाम दक्षिण बन गई कांग्रेस की हल्द्वानी रैली, नेताओं के भाषणों से ज्यादा हंगामे की चर्चा

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हल्द्वानी। रामलीला मैदान हल्द्वानी में शनिवार को आयोजित कांग्रेस की रैली में विजय का शंखनाद कितना असरकारी साबित होगा, यह तो समय ही बताएगा, फिलहाल इसके संदेश दक्षिण बनाम दक्षिण वाले हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दक्षिण भारत के कर्नाटक से आते हैं और शहर में उनकी मौजूदगी में जिन एसएसपी मंजूनाथ टीसी के विरुद्ध अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, वह भी कर्नाटक के ही हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि दोनों तरफ से सद्भाव कायम रहेगा, लेकिन हुआ उल्टा।

खरगे के सामने छवि चमकाने के लिए कांग्रेस के नेताओं ने जिस तरह एसएसपी के विरुद्ध अपशब्दों का इस्तेमाल किया, उससे वह भाजपा के हाथ में बैठे-बैठाए एक मुद्दा थमा बैठे। रैली के बाद कांग्रेस नेताओं के भाषणों की उतनी चर्चा नहीं है, जितनी उनके अपशब्दों की और एसएसपी मंजूनाथ को मारने की धमकी देने की।

कांग्रेस नेताओं के हंगामे के बीच पुलिस का रवैया बेहद शांत रहा जिससे माहौल बिगड़ने से बच गया। अन्यथा जिस तरह से एसएसपी कार्यालय में जिले के कप्तान को लेकर जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उससे स्थिति खराब होने से इन्कार नहीं किया जा सकता था।

किसी भी राजनीतिक दल की रैली के बाद सबसे पहले जो अपेक्षा-उम्मीद की जाती है, वह उसके संदेश होते हैं जिसे लेकर पार्टी के नेता व कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में जाते हैं। पर इस रैली के दौरान एसएसपी कार्यालय में कांग्रेस नेताओं ने जो हंगामा किया, शुरू से लेकर अंत उसी की चर्चा होती रही। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में यह स्थिति उत्पन्न हुई।

इस हंगामे के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य स्वयं एसएसपी कार्यालय में मौजूद थे। उनके साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी थे, लेकिन इन लोगों के तेवर भी काफी आक्रामक थे जिससे कार्यकर्ताओं को और बल मिला

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