पर्दाफाश-जब एसडीएम ने शुगर मरीज बन खोला नकली दवाइयों का किया भंडाफोड़

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एसडीएम ऋचा सिंह ने की ताबड़तोड़ कार्यवाही, आरोपी को किया गिरफ्तार

Dineshpur skt. com

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां आयुर्वेदिक दवाओं के नाम पर लंबे समय से फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।मामला दिनेशपुर का है, जहां प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस घोटाले का पर्दाफाश किया।इस पूरे खुलासे में अहम भूमिका निभाई उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह ने, जिन्होंने खुद मरीज बनकर आरोपी तक पहुंच बनाई।


सोमवार को एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर पंचायत कार्यालय के पीछे स्थित एक घर में छापा मारा। इस दौरान थानाध्यक्ष रविन्द्र बिष्ट, जिला अपर आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ. दीपक कुमार सरकार और औषधि निरीक्षक शुभम कोटनाला भी मौजूद रहे।


उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां आयुर्वेदिक दवाओं के नाम पर लंबे समय से फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।

मामला दिनेशपुर का है, जहां प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस घोटाले का पर्दाफाश किया।इस पूरे खुलासे में अहम भूमिका निभाई उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह ने, जिन्होंने खुद मरीज बनकर आरोपी तक पहुंच बनाई।


सोमवार को एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नगर पंचायत कार्यालय के पीछे स्थित एक घर में छापा मारा। इस दौरान थानाध्यक्ष रविन्द्र बिष्ट, जिला अपर आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ. दीपक कुमार सरकार और औषधि निरीक्षक शुभम कोटनाला भी मौजूद रहे।

छापेमारी के दौरान टीम को मौके से भारी मात्रा में अंग्रेजी दवाओं का जखीरा बरामद हुआ। इसके साथ ही दवा बनाने के उपकरण भी मिले, जिससे अवैध निर्माण की पुष्टि हुई।
टीम को बड़ी संख्या में शुगर और विटामिन्स की गोलियां भी मिलीं। इसके अलावा “शुगर कंट्रोल” नाम से पैक किए गए आयुर्वेदिक चूर्ण के डिब्बे भी बरामद हुए, जिन्हें बाजार में बेचने की तैयारी थी।

मौके पर मौजूद स्वरूप सिंह से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह कथित तौर पर आयुर्वेदिक दवा बनाकर बेचता था। जांच में सामने आया कि वह अंग्रेजी दवाओं को पीसकर पाउडर बनाता और उन्हें आयुर्वेदिक दवा में मिलाकर तैयार करता था।

चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके से हिरण के सींग भी बरामद हुए। आरोप है कि वह इन सींगों का भस्म बनाकर दवाओं में उपयोग करता था। इस मामले में वन विभाग भी सक्रिय हो गया है।

छापेमारी के दौरान टीम को मौके से भारी मात्रा में अंग्रेजी दवाओं का जखीरा बरामद हुआ। इसके साथ ही दवा बनाने के उपकरण भी मिले, जिससे अवैध निर्माण की पुष्टि हुई।
टीम को बड़ी संख्या में शुगर और विटामिन्स की गोलियां भी मिलीं। इसके अलावा “शुगर कंट्रोल” नाम से पैक किए गए आयुर्वेदिक चूर्ण के डिब्बे भी बरामद हुए, जिन्हें बाजार में बेचने की तैयारी थी।

मौके पर मौजूद स्वरूप सिंह से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह कथित तौर पर आयुर्वेदिक दवा बनाकर बेचता था। जांच में सामने आया कि वह अंग्रेजी दवाओं को पीसकर पाउडर बनाता और उन्हें आयुर्वेदिक दवा में मिलाकर तैयार करता था।

चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके से हिरण के सींग भी बरामद हुए। आरोप है कि वह इन सींगों का भस्म बनाकर दवाओं में उपयोग करता था। इस मामले में वन विभाग भी सक्रिय हो गया है।