डॉक्टरो द्वारा मारपीट के खिलाफ पीड़ित पक्ष से जुड़े लोग सिटी मजिस्ट्रेट को आज देंगे ज्ञापन पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ लिखी रिपोर्ट

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सुशीला तिवारी अस्पताल में सोमवार की रात 11:00 बजे के बाद डॉक्टरों और एक मरीज के तीमारदारों के बीच हुई मारपीट का मामला अब सुर्ख़यों में आ गया है पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा बंद कर मारपीट करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

लेकिन तीमारदारों के साथ के लोगों का कहना है कि पुलिस के द्वारा सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से सत्यता से जांच नहीं की है।

जिस तरह से जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार के साथ आए उमेश बधानी को बंद करके पीटा उसका पुलिस ने संज्ञान नहीं लिया है।इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के लिए तीमारदार पक्ष के लोग आज सिटी मजिस्ट्रेट को दिन के 11:00 बजे ज्ञापन सौपेंगे। तीमारदार पक्ष के लोगों का कहना है जूनियर डॉक्टर ग्रुप बनाकर तीमारदारों के साथ मारपीट करते हैं तथा उपचार के लिए आए रोगी का उपचार भी नहीं करते हैं।

युवक कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री प्रदीप नेगी ने बताया कि अस्पताल में मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने मरीज प्रेमशंकर मौर्या का उपचार नहीं किया इसके साथ ही उनके बेटे और उनके साथ आए उमेश बधानी के साथ मारपीट की उमेश भदानी के शरीर से खून बहरा था इसके बावजूद पुलिस ने तीमारदारों के खिलाफ भी रिपोर्ट लिखाई है जबकि यह साफ है कि डॉक्टरों ने मारपीट की है पुलिस को इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट से मांग की जाएगी कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में उपचार करने आए लोगों के साथ डॉक्टर इस तरह का व्यवहार ना कर सके।

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