Modi Cabinet में इन चार मंत्रियों की कुर्सी खतरे में, कल होगा महा-फेरबदल! देखें संभावित लिस्ट
Modi Cabinet Expansion: केंद्र सरकार में लंबे समय से चर्चित कैबिनेट फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार को मंत्रिपरिषद में बदलाव का ऐलान किया जा सकता है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यह पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार और फेरबदल होगा।
धर्मेंद्र प्रधान समेत कई मंत्रियों पर नजर
संभावित फेरबदल को लेकर सबसे अधिक चर्चा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नाम की हो रही है। राजनीतिक गलियारों में उनके मंत्रालय या जिम्मेदारी में बदलाव की अटकलें हैं। इसके अलावा रवनीत सिंह बिट्टू और हरदीप सिंह पुरी के नाम भी संभावित बदलाव की सूची में बताए जा रहे हैं। सरकार या भाजपा की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जाए, जबकि कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। वहीं मंत्री बीएल वर्मा का भी राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने वाला है। यह भी संभावना जतायी जा रही है कि 6 राज्यमंत्री भी बदले जा सकते हैं। इनके अलावा मनोहर लाल खट्टर और निर्मला सीतारमण के विभाग बदले जा सकते हैं।
NDA के नए सहयोगियों को मिल सकता है प्रतिनिधित्व
इस बार का कैबिनेट फेरबदल राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। हाल के दिनों में विभिन्न दलों के कुछ सांसदों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन दिया है। ऐसे में चर्चा है कि इन नए सहयोगियों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिल सकता है। सरकार गठबंधन की मजबूती और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से सहयोगी दलों को उचित भागीदारी देने पर विचार कर सकती है।
इन नेताओं के नाम चर्चा में
सूत्रों के अनुसार संभावित नए चेहरों में भाजपा सांसद अरुण गोविल, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे, पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, संजय दीना पाटिल, वीडी शर्मा, तरुण चुघ और राघव चड्ढा जैसे नाम चर्चा में हैं। हालांकि इनमें से किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री तथा भाजपा नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा।
व्यस्त कार्यक्रम के बीच तय होगी तारीख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगामी कार्यक्रम भी कैबिनेट फेरबदल की तारीख तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। वह हाल ही में विदेश दौरे पर रहे हैं और जुलाई के पहले पखवाड़े में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा की संभावना है। वहीं जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची का भी भारत दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में सरकार इन सभी कार्यक्रमों और 18 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल में बदलाव करना चाहती है।
संतुलन साधने पर रहेगा फोकस
सूत्रों के मुताबिक सरकार मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। विभिन्न राज्यों, जातीय समीकरणों और सहयोगी दलों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नए मंत्रियों का चयन किया जा सकता है। इसके अलावा कुछ प्रमुख मंत्रालयों में नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर सरकार प्रशासनिक दक्षता और राजनीतिक संदेश दोनों को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें


