पुलिस में बंपर भर्ती: CM धामी का पुलिस स्मृति दिवस पर युवाओं को बड़ा तोहफा, 8 बड़ी घोषणाएं पढ़ें

उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक बेहद खुशखबरी की खबर सामने आई है। प्रदेश में जल्द ही पुलिस विभाग में करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इसका ऐलान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून के पुलिस लाइन में आयोजित ‘पुलिस स्मृति दिवस’ समारोह के दौरान किया।
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CM ने दी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस महकमे को मजबूत करने और जवानों के कल्याण के लिए 8 बड़ी घोषणाएं भी कीं। समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित शासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
1,600 पदों पर सीधी भर्ती, युवाओं के पास सुनहरा मौका
यदि आप भी उत्तराखंड पुलिस में भर्ती होकर देश और प्रदेश की सेवा करने का सपना देख रहे हैं, तो अब अपनी तैयारियों को तेज कर दीजिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि पुलिस विभाग की अलग-अलग इकाइयों में खाली पड़े लगभग 1,600 पदों पर जल्द ही नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे पहले भी नागरिक पुलिस में 1,573 और पीएसी (PAC) में 370 आरक्षियों (कॉन्स्टेबल) की सीधी भर्ती की जा चुकी है, जबकि उपनिरीक्षक (SI), प्लाटून कमांडर और अग्निशमन अधिकारियों के 222 पदों पर भर्ती प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है। अब इन नए 1,600 पदों के आने से खाकी पहनने का सपना देख रहे हजारों युवाओं को रोजगार का बेहतरीन मौका मिलेगा।
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ये हैं मुख्यमंत्री के पुलिस के लिए आठ ऐलान
मुख्यमंत्री ने न केवल युवाओं के लिए भर्ती का पिटारा खोला, बल्कि पुलिसकर्मियों की दैनिक कार्यप्रणाली और उनकी सुविधाओं को सुधारने के लिए आठ अहम घोषणाएं कीं पुलिस विभाग के विभिन्न संवर्गों में खाली पड़े लगभग 1600 पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। थानों के रोजमर्रा और जरूरी कार्यों के लिए वार्षिक बजट को 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 8 करोड़ कर दिया गया है। जरूरत के हिसाब से हर थाने और चौकी में पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के पदों की संख्या की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी।मुकदमों की सही और वैज्ञानिक जांच के लिए जांच अधिकारियों को आधुनिक इन्वेस्टिगेशन किट मुहैया कराई जाएगी। राज्य के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों को और अधिक बेहतर एवं आधुनिक बनाया जाएगा। राजधानी देहरादून में ड्यूटी पर आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक का निर्माण किया जाएगा। देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उसका अपग्रेडेशन किया जाएगा। पुलिस परिवारों की स्वास्थ्य, आवास और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं में बड़ा सुधार किया जाएगा।
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शहीदों के परिजनों का सम्मान और पुलिस कल्याण
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “खाकी वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का सच्चा प्रतीक है। हमारे पुलिसकर्मी त्योहारों पर भी अपने परिवारों से दूर रहकर कड़ाके की ठंड, भीषण गर्मी और आपदाओं के बीच जनता की रक्षा करते हैं।” उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में देशभर में 154 जवानों ने अपना फर्ज निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्व. विनोद कुमार भी शामिल हैं। सरकार शहीद परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ी है।
पुलिस महकमे में सुधार और नई सुविधाएं
डीजीपी दीपम सेठ ने बताया किपुलिसकर्मियों के लिए सरकारी आवास की संतुष्टि दर 18% से बढ़ाकर 22% हो चुकी है, जिसे 30% तक ले जाने का लक्ष्य हैष इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को प्रमोशन दिया गया है। साथ ही मृतक पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरियां दी गई हैं। पुलिस कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। एम्स ऋषिकेश में 24 घंटे पुलिस हेल्प डेस्क की शुरुआत हो रही है। साथ ही जवानों को मानसिक तनाव से बचाने के लिए नियमित योग और काउंसलिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे।
साइबर अपराध और नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करी और साइबर क्राइम आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। नशे पर लगाम लगाने के लिए 3-स्तरीय ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ गठित की गई है।साइबर अपराधियों से दो कदम आगे रहने के लिए 32 करोड़ रुपये की लागत से ‘स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ तैयार किया जा रहा है। हर थाने में महिला हेल्प डेस्क के साथ ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ (QRT) बनाई गई है
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