भाजपा नेता पाठक ने पर्यावरण के ध्वजवाहकों का किया सम्मान

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आईएफएस, पर्यावरण विद एवम सर्प रक्षकों को किया सम्मानि
कालाढूंगी, /हलद्वानी skt. com
“ भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख मनोज पाठक लगातार समाज के विभिन्न क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित रहने वाले समाज सेवकों को सम्मानित करने का अभियान जारी रखे हुए हैं।

ग्रामीण गौरव और नगरसेवक अभियान के बाद अब तीसरे चरण में उन्होंने धरती का श्रृंगार करने पौधों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले लोगों को सम्मानित किया ।

जिन्होंने जंगल बचाया, उन्होंने जीवन बचाया” — इसी प्रेरणादायी भाव के साथ सायं 5 बजे से 7 बजे तक अपनी आवास पर एक गरिमामयी एवं भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


यह कार्यक्रम वन विभाग के उन समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समर्पित था, जिन्होंने अपने कर्तव्य, साहस और समर्पण से उत्तराखंड के जंगलों, वन्यजीवों एवं पर्यावरण की रक्षा में अमूल्य योगदान दिया है।


इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में
श्री कुंदन कुमार (आईएफएस), श्री बलवंत सिंह साही (आईएफएस), श्री उमेश तिवारी (आईएफएस), श्री आर.के. तिवारी (आईएफएस), श्री डी.एस. पोटलिया जी श्री जीवन जोशी (आईएफएस) डॉ. आसुतोष पंत (सीएमओ, पर्यावरणविद्) की गरिमामयी उपस्थिति रही।


सभी अतिथियों द्वारा वन संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष, तथा पर्यावरण संतुलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए गए और उपस्थित जनसमूह को जागरूक किया गया।


इस दौरान वन विभाग के सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मान-पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, वनों की वर्तमान स्थिति तथा विभागीय चुनौतियों पर सार्थक चर्चा हुई, जिसमें वन अधिकारियों के अनुभवों एवं सुझावों को विशेष महत्व दिया गया। आधा दर्जन से अधिक सर्प सेवकों को भी इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

किसी के घर में सर्प के घुस जाने के बाद इन सेवकों की सेवा ली जाती है तथा वह कुशलता पूर्वक सर्प को पड़कर लोगों का भय दूर कर देते हैं तथा उन्हें किसी प्रकार का कष्ट भी नहीं होने देते


कार्यक्रम के समापन पर सभी सम्मानित अतिथियों के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया गया, जहाँ आत्मीयता एवं समन्वय का वातावरण देखने को मिला।
मनोज पाठक द्वारा पूर्व में भी “गाँव के गौरव” एवं “नगर के नायक” जैसी पहलों के माध्यम से समाज के गुमनाम नायकों को सम्मानित किया जाता रहा है, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, भोजन माताएँ, शिक्षक, दुग्ध उत्पादक एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोग शामिल हैं।
“संघर्ष से सेवा तक” निरंतर सेवा में जुटे रहना यही मनोज पाठक की पहचान है।