भाजपा के लिए अपने ही बने चुनौती, असंतुष्ट नेता बना रहे अलग कुनबा; निर्णायक कदम से क्यों बच रही पार्टी?
भाजपा को अपने ही असंतुष्ट नेताओं से चुनौती मिल रही है। कई पुराने नेता अलग कुनबा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पार्टी की मुश्किलें …और पढ़ें
शिमला। हिमाचल प्रदेश में भाजपा को असंतुष्ट नेताओं से राजनीतिक चुनौती मिलती नजर आ रही है। पार्टी के कई पुराने नेता लंबे समय से नाराज हैं, जिन्होंने अधिकतर मामलों में पार्टी लाइन से हटकर कदम उठाए हैं। भाजपा के पुराने नेताओं ने राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए अपनी सोच के लोगों के कुनबे को एकजुट करने की कसरत शुरू कर दी है। इसमें पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने या खुलकर विरोध करने वाले नेता शामिल हैं।
अलग कुनबा बनाने का प्रयास
इन नेताओं ने न केवल राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी है, बल्कि अब पूरे प्रदेश में एक अलग कुनबा तैयार करने की दिशा में भी प्रयास तेज कर दिया है। हालांकि ये पंचायत चुनाव के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।
निर्णायक कदम से क्यों बच रही पार्टी
भाजपा नेतृत्व इन नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें मनाने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में उलझा हुआ है। एक तरफ अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, वहीं नेताओं का स्थानीय स्तर पर प्रभाव भी पार्टी के लिए अहम माना जाता है। यही कारण है कि पार्टी अब तक किसी बड़े या निर्णायक कदम से बचती नजर आ रही है।
शीर्ष नेतृत्व चुनाव में व्यस्त
पार्टी का शीर्ष नेतृत्व फिलहाल बंगाल सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव में व्यस्त है। इस कारण हिमाचल के संगठनात्मक मुद्दों पर तुरंत ध्यान देना संभव नहीं हो पा रहा है। इन राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद भाजपा हाईकमान हिमाचल की स्थिति की समीक्षा कर सकता है और ऐसे नेताओं पर भी कोई फैसला हो सकता है।
…तो चुनाव में हो सकता है नुकसान
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि आने वाले समय में भाजपा के लिए यह तय करना अहम होगा कि वह अनुशासन को प्राथमिकता देती है या राजनीतिक संतुलन को। यदि समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं किया गया, तो आंतरिक असंतोष आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को विरोधी पार्टियों के साथ इन नेताओं पर भी ज्यादा मेहनत करनी होगी।
तीसरे मोर्चे के लिए खुलकर रणनीति
लाहुल स्पीति से पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडेय खुलकर थर्ड फ्रंट के लिए बैठकें कर रहे हैं, वह मंडी, कुल्लू व हमीरपुर में बैठकें कर चुके हैं।
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