केंद्रीय कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फरमान! जारी हुई नई एडवाइजरी, बदल जाएगी आपकी डेली लाइफ

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बदलते वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक (Geo-political) परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और नई एडवाइजरी जारी की है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश के भीतर मौजूद संसाधनों का बेहतर और सही उपयोग करना, ऊर्जा संरक्षण (बिजली-ईंधन की बचत) को बढ़ावा देना और देश की आर्थिक स्थिरता को और ज्यादा मजबूत करना है।

केंद्र सरकार का मानना है कि कोविड-19 महामारी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और ग्लोबल सप्लाई चेन में लगातार आ रहे व्यवधानों का बुरा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है। इस वैश्विक मंदी और संकट का थोड़ा-बहुत असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सभी नागरिकों और खासकर सरकारी कर्मचारियों से बेहद जिम्मेदारी के साथ देशहित में सहयोग करने की यह विशेष अपील की है।

नई एडवाइजरी के प्रमुख सुझाव: कारपूलिंग से लेकर वर्क फ्रॉम होम तक पर जोर

इस नई एडवाइजरी में कर्मचारियों को कई ऐसे व्यवहारिक और नीतिगत सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से शामिल कर सकते हैं। इसका सीधा मकसद दैनिक जीवन में ऊर्जा की खपत को घटाना और संसाधनों के फालतू इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाना है। सरकार ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि दफ्तर आने-जाने के लिए जहां तक संभव हो, कारपूलिंग (एक ही गाड़ी में कई लोगों का आना) को बढ़ावा दें। इसके अलावा मेट्रो और बस जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

ईंधन बचाने के लिए पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने यह भी सुझाव दिया है कि कर्मचारी अपनी गैर-जरूरी यात्राओं को कम करें और जहां मुमकिन हो, वहां वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) की व्यवस्था को अपनाया जाए। साथ ही, सरकारी विभागों में होने वाली रूटीन बैठकों को आमने-सामने करने के बजाय ऑनलाइन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निपटाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

ईंधन और पैसों की होगी भारी बचत, सोने की खरीदारी पर भी सरकार की राय

एडवाइजरी में ईंधन की बेतहाशा खपत को कम करने और देश का कीमती विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के उद्देश्य से घरेलू पर्यटन (डोमेस्टिक टूरिज्म) को बढ़ावा देने की बात कही गई है। कर्मचारियों और उनके परिवारों को विदेश घूमने जाने के बजाय भारत के ही खूबसूरत पर्यटन स्थलों की यात्रा करने के लिए प्रेरित किया गया है। इसके अलावा, आर्थिक मोर्चे पर एक और चौंकाने वाला सुझाव देते हुए सोने (Gold) जैसी गैर-जरूरी और महंगी वस्तुओं की खरीद में थोड़ा संयम रखने की सलाह दी गई है, ताकि व्यक्तिगत और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर आर्थिक संतुलन मजबूत बना रहे।

स्वदेशी और टिकाऊ जीवनशैली: खाने के तेल से लेकर खेती तक में बड़े बदलाव की अपील

केंद्र सरकार ने इस एडवाइजरी के जरिए एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया है। सेहत और अर्थव्यवस्था दोनों को दुरुस्त रखने के लिए खाने के तेल (एडिबल ऑयल) की खपत को सीमित करने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की भावुक अपील की गई है। सिर्फ दफ्तर ही नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र से जुड़े सुझावों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिसके तहत खेतों में रासायनिक उर्वरकों (केमिकल फर्टिलाइजर्स) के अंधाधुंध इस्तेमाल को कम करने और प्राकृतिक खेती (नेचुरल फार्मिंग) को बढ़ावा देने की बात कही गई है। साथ ही किसानों और ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा आधारित पंपों (सोलर पंप) के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

समाज में जागरूकता फैलाएं कर्मचारी, देशहित में बदलनी होगी अपनी आदतें

सरकार ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों से यह अपील की है कि वे केवल खुद ही इन नियमों का पालन न करें, बल्कि अपने परिवार, रिश्तेदारों और पूरे समाज में ऊर्जा संरक्षण, संसाधन प्रबंधन और स्वदेशी उत्पादों के फायदे बताकर जागरूकता फैलाएं। सरकार ने साफ किया है कि इस एडवाइजरी का उद्देश्य केवल कागजी या प्रशासनिक दिशा-निर्देश देना नहीं है, बल्कि देश में एक ऐसी नई जीवनशैली को विकसित करना है जो आर्थिक रूप से टिकाऊ हो, पर्यावरण के अनुकूल हो और पूरी तरह से देशहित में समर्पित हो।