बिग ब्रेकिंग – कृपाल महरा पार्टी एवं व्यक्तिगत रूप से निष्ठावान, फिर भी उपेक्षित

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महरा की अनदेखी मिशन 2027 के रास्ते में पैदा कर सकती अड़चन

कांग्रेस छोड़ने पर पार्टी के पदाधिकारी, ,तत्कालीन सांसद एवम पार्टी प्रत्याशी ने दिया सम्मान दिलाने का किया वायदा

भीमताल/धारी skt.com
धारी के ब्लॉक प्रमुख रहे कृपाल सिंह महरा की जनता के बीच अच्छी पकड़ मानी जाती है वह बहुत बड़े वोट बैंक का जनाधार रखते हैं। वह अपने क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य के साथ ही ब्लॉक प्रमुख के पद पर रहकर क्षेत्र की कई समस्याओं का स्थाई समाधान कर चुके हैं। लेकिन उनके सरल स्वभाव को लेकर राष्ट्रीय पार्टियों हमेशा उनके साथ खिलवाड़ करती आई है।

ताजा घटनाक्रम यह है कि वर्ष 2022 में जब वह कांग्रेस के टिकट के प्रबल दावेदार थे और कांग्रेस के लिए उन्होंने बहुत बड़ी राजनीतिक जमीन तैयार की हुई थी अगर पार्टी उन पर दांव लगाती तो निश्चित रूप से पहली बार भीमताल सीट कांग्रेस के कब्जे में आ जाती लेकिन पार्टी ने उनकी मेहनत पर पानी फेरते हुए लगातार दूसरी बार पिछली बार की पराजित प्रत्याशी दान सिंह भंडारी को टिकट दे दिया। जिससे लगातार मेहनत के बावजूद पार्टी से उपेक्षित रहने से उनके दिल पर गहरी चोट लगी साथ ही भावनाएं आहत हुई ।


उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की पार्टी में उन्हें लाने वाले पार्टी के पदाधिकारी, तत्कालीन केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट और स्वयं तत्कालीन भाजपा के प्रत्याशी एवं वर्तमान में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने उनसे वादा किया की सरकार बनने के बाद उन्हें सरकार में दायित्व दिया जाएगा तथा उनका सम्मान किया जाएगा ।


लेकिन जब आप 4 साल बीत गए तीन बार दायित्व धारियों की घोषणा हो गई । लेकिन कृपाल सिंह महरा का नाम किसी भी सूची में नही दिखा तो उन भाजपा में भी घुटन महसूस करने लगे हैं। महरा ने भारी मन से बताया कि सांसद प्रत्याशी, विद्यायक जो मंत्री बन चुके हैं ने उनसे सरकार बने के बाद उन्हें दायित्व के साथ सम्मान देने का वायदा किया। लेकिन अब 4 साल के बाद सबने मुंह मोड़ लिया ।
कृपाल सिंह महरा उपेक्षित जरूर हुए हैं लेकिन उनका अपना जन आधार काफी बड़ा है समाज के सभी वर्गों में उनके पैठ है। विशेष कर सोशल इंजीनियरिंग के तहत दलित और अनुसूचित जाति के वोट बैंक पर उनका विशेष प्रभाव है कृपाल सिंह महरा अगर खुद मैदान में आगे अथवा उन्होंने किसी अन्य प्रत्याशी को समर्थन दे दिया तो निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी को झटका लग सकता है।


2022 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के वोट बैंक कर पर सेंधमारी करते हुए यह वोट भाजपा की झोली में डलवाया था जिससे भाजपा का प्रत्याशी बड़े अंतर से विजय प्राप्त करने में सफल रहा। और कांग्रेस को करारी हार झेलनी पड़ी ।

कई निर्दलीय प्रत्याशी भी अच्छी संख्या में मत प्राप्त करने में सफल है लेकिन कृपाल सिंह महरा के सोशल इंजीनियरिंग के वोटो ने भाजपा के प्रत्याशी राम सिंह कैड़ा को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्टी द्वारा आश्वासन देने के बावजूद जब कृपाल सिंह महरा को कोई दायित्व नहीं दिया तो वह अपेक्षित महसूस कर रहे हैं उनका अपेक्षित रहना भाजपा के लिए खतरे की घंटी भी बन सकता है क्योंकि धारी ब्लॉक समेत भीमताल और ओखलकांडा के दलित वोटो का समीकरण उनके इर्द-गिर्द ही घूमता है।

उन्होंने बहुजन समाज पार्टी सरकार के समय बहुत बड़े विकास कार्य किए हैं जिनको याद आज भी वहां की जनता करती है।
बहुजन समाज पार्टी के जिला पंचायत सदस्य के तौर पर उन्होंने मायावती के मुख्यमंत्री काल में कई बड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा था। जिसका असर था कि वह विकासखंड की ब्लॉक प्रमुख रहे और कई विकास कार्यों को उन्होंने अमली जामा पहनाया। कृपाल सिंह महरा जो कांग्रेस से भाजपा में आए अगर भाजपा ने भी उनका सम्मान नहीं किया तो निश्चित रूप से भाजपा और वर्तमान मंत्री से नाराज असंतुष्ट और विरोधी गुट में एक नाम और जुड़ जाएगा। जिससे निश्चित रूप से भाजपा को भीमताल की सीट बनाए रखने में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है यह सीट खटाई में भी जा सकती है इसलिए पार्टी को ऐसे कद्दावर नेताओ की सुध लेनी चाहिए। जो क्षेत्र में बड़ा जनाधार
रखते हैं।