जयमाला के समय दूल्हे के मुंह से निकला झाग और फिर…, दुल्हन को पता चली ऐसी सच्चाई कि मंडप से ही लौटा दी बारात

शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया, जब दुल्हन ने मंडप में ही शादी करने से मना कर दिया। लखनऊ से आई बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। दुल्हन का आरोप है कि दूल्हे के परिवार ने उसकी गंभीर बीमारी की बात छिपाकर यह रिश्ता तय किया था।
खुशियों के बीच अचानक बिगड़ी दूल्हे की हालत
तरबगंज निवासी एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी लखनऊ के रहने वाले एक युवक से तय की थी। बारात धूमधाम से पहुंची, बारातियों का स्वागत हुआ और द्वारपूजा की रस्म भी हंसी-खुशी संपन्न हुई। इसके बाद दूल्हा कुर्सी पर बैठकर जयमाल (Varmala) का इंतजार कर रहा था। तभी अचानक दूल्हे के शरीर में कंपन होने लगा और उसके मुंह से झाग आने लगा। दूल्हे को मिर्गी का दौरा पड़ते देख शादी में मौजूद मेहमानों और परिजनों के बीच हड़कंप मच गया।
बीमारी छिपाने का आरोप- दुल्हन ने लिया कड़ा फैसला
जैसे ही यह खबर दुल्हन तक पहुंची कि दूल्हे को मिर्गी के दौरे पड़ते हैं, उसने तुरंत शादी रोकने का फैसला लिया। दुल्हन के परिवार ने जब दूल्हे पक्ष से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने किसी भी बीमारी से इनकार कर दिया। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों और दूल्हे की हालत ने सच बयां कर दिया था। दुल्हन ने दोटूक शब्दों में कहा कि धोखे की बुनियाद पर टिका रिश्ता कभी सफल नहीं हो सकता। मैं किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति के साथ अपनी पूरी जिंदगी नहीं बिता सकती।
पंचायत भी रही विफल, बैरंग लौटे बाराती
घटना के बाद काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच मान-मनौव्वल और पंचायत का दौर चला। रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने दुल्हन को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रही। अंततः, दूल्हे को बिना दुल्हन के ही लखनऊ वापस जाना पड़ा।
इलाके में साहस की चर्चा
शादी टूटने के बाद जहां खुशियां गम में बदल गईं, वहीं पूरे इलाके में दुल्हन के इस साहस की चर्चा हो रही है। लोग दुल्हन के इस फैसले को सही ठहरा रहे हैं कि उसने समाज के डर से समझौता करने के बजाय अपने भविष्य की रक्षा के लिए आवाज उठाई।
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