कहीं आपके बनते काम तो नहीं बिगड़ रहे? ये हो सकते हैं शनि की साढ़े साती के लक्षण, इन उपायों से पाएं मुक्ति
जब किसी जातक की कुंडली में शनि की साढ़े साती शुरू होती है, तो उसे पारिवारिक, मानसिक और आर्थिक मोर्चों पर कड़े संघर्षों का सामना करना पड़ता है।…और पढ़ें
धर्म डेस्क। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। मान्यता है कि जब किसी जातक की कुंडली में शनि की साढ़े साती शुरू होती है, तो उसे पारिवारिक, मानसिक और आर्थिक मोर्चों पर कड़े संघर्षों का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लक्षणों को समय रहते पहचानकर यदि उपाय किए जाएं, तो कष्टों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
साढ़े साती के प्रमुख लक्षण – कैसे पहचानें?
शनि का प्रभाव शुरू होते ही जातक के जीवन में कुछ खास बदलाव नजर आने लगते हैं-
- अत्यधिक तनाव रहना और निर्णय लेने में भ्रम (Confusion) की स्थिति पैदा होना।
- बनते हुए काम अचानक बिगड़ने लगना या अनावश्यक देरी होना।
- धन की अचानक हानि होना और वित्तीय स्थिति का डगमगाना।
- रिश्तों में अकारण अनबन और घर में छोटी-छोटी बातों पर वाद-विवाद होना।
- किसी गंभीर या लंबी बीमारी का अचानक सामना करना।
शनि की साढ़े साती के असरदार उपाय
- मंगलवार और शनिवार को पाठ करने से हनुमान जी और शनि देव दोनों की कृपा मिलती है।
- शनिवार शाम शनि देव के बीज मंत्र ‘ऊँ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’ का जाप करें।
- शनिवार शाम पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर 7 या 11 बार परिक्रमा करें।
- शनिवार को काले तिल, काला कपड़ा या सरसों के तेल का दान जरूरतमंदों को करें।
- काले कुत्ते को तेल चुपड़ी रोटी खिलाएं और पक्षियों को दाना डालें।
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