आखिर क्यों बीजेपी अध्यक्ष का इस्तीफा?, एक्स पर लिखा- भावुक पोस्ट, पढ़िए?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो इसी महीने राज्यसभा के लिए चुने गए थे, सोमवार को राज्य विधान परिषद से इस्तीफा देने वाले हैं।
Highlightsवर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित बिहार’ के सपने को साकार करने के लिए निरंतर समर्पित रहूंगा।संविधान में यह प्रावधान है कि आपको 14 दिनों के भीतर इस्तीफा देना होगा। इसी के अनुसार कार्रवाई होगी।एमएलसी पद से इस्तीफा देने की 14 दिन की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही है।
नई दिल्लीः भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस्तीफा दे दिया। नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद नितिन नबीन ने ट्वीट किया कि आज, मैं बिहार विधानसभा में बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले निर्वाचित सदस्य के पद से इस्तीफा दे रहा हूं। पार्टी द्वारा मुझे सौंपी गई नई भूमिका के माध्यम से, मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र और बिहार राज्य के विकास के लिए सदैव तत्पर और प्रतिबद्ध रहूंगा। पार्टी कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता के साथ मेरा अटूट बंधन हमेशा बना रहेगा, जो मुझे नई ऊर्जा, प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, मैं वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित बिहार’ के सपने को साकार करने के लिए निरंतर समर्पित रहूंगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो इसी महीने राज्यसभा के लिए चुने गए थे, सोमवार को राज्य विधान परिषद से इस्तीफा देने वाले हैं। यह जानकारी जेडीयू सूत्रों ने दी है। जेडीयू अध्यक्ष 16 मार्च को संसद के उच्च सदन के लिए चुने गए थे और पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, एमएलसी पद से इस्तीफा देने की 14 दिन की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पिछले सप्ताह यहां पत्रकारों से कहा था, “संविधान में यह प्रावधान है कि आपको 14 दिनों के भीतर इस्तीफा देना होगा। इसी के अनुसार कार्रवाई होगी।”
भारतीय संविधान के अनुसार कोई भी जनप्रतिनिधि एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता। नितिन नबीन हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं, ऐसे में उन्हें विधायक पद छोड़ना अनिवार्य था।इस्तीफे का समय भी राजनीति में अहम संकेत देता है। देरी को केवल प्रशासनिक कारणों से नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी देखा जा रहा था।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस्तीफे की सूचना दी गई थी। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि दिल्ली में कुछ कार्यक्रम था, जिसके लिए मैं गया था। प्रदेश अध्यक्ष ने मुझे इस्तीफे की जानकारी दी तो मैं आ गया। उल्लेखनीय है कि रविवार को बिहार विधानसभा में इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए विशेष तैयारी की गई थी।
आमतौर पर छुट्टी रहने के बावजूद विधानसभा को खोला गया। सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी दिल्ली से पटना लौटकर सुबह से मौजूद थे। लेकिन जिस इस्तीफे का इंतजार था वह नहीं हो सका। इसी बीच यह चर्चा भी तेज है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं।
हालांकि कई खबरों का दावा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 मार्च को इस्तीफा नहीं देंगे। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की भी पुष्टि फिलहाल नहीं है। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर डा. प्रेम कुमार ने साफ कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मुख्यमंत्री इस्तीफा देते हैं तो इसकी प्रक्रिया विधानसभा के माध्यम से ही पूरी होगी और इसकी जानकारी औपचारिक रूप से सामने आएगी। फिलहाल, दोनों नेताओं के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। पार्टी के अंदर भी इस विषय पर चर्चा जारी है और सभी की नजरें आने वाले 24 घंटों पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पूरे मामले पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
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