19 Minute Viral Video के बाद सरकार का एक्शन! इन Apps पर कंसा शिकंजा, 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम

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Govt Warning to Social Media Platforms: सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो देखने और शेयर करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है. भारत सरकार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इंटरनेट पर परोसी जा रही गंदगी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अभद्र भाषा, अश्लील वीडियो और बच्चों से जुड़े अपराधों को रोकने में नाकाम रहने वाली कंपनियों पर अब सरकार का हंटर चलने वाला है. 

19 Minute Viral Video के बाद सरकार का एक्शन! Apps पर कंसा शिकंजा, 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम

Govt Warning to Social Media Platforms: डिजिटल इंडिया की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार अब एक्शन मोड में आ गई है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आए दिन वायरल हो रहे प्राइवेट वीडियो और फेक MMS वीडियो को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है. अश्लीलता फैलाने वाले कंटेंट पर रोक लगाते हुए आईटी मंत्रालय ने एक नया फरमान जारी कर दिया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर फेसबुक, इंस्टाग्राम, X या दूसरे प्लेटफॉर्म्स ने अपनी लापरवाही नहीं छोड़ी तो उन्हें मिलने वाली कानूनी छूट समाप्त कर दी जाएगी और सीधे आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे. आइए जानते हैं क्या है सरकार की नई एडवाइजरी और इसका असर यूजर्स पर कैसे पड़ेगा.

क्यों सख्त हुई सरकार?
हाल ही दिनों में भारत की फेमय यूट्यूबर पायल गेमिंग का प्राइवेड वीडियो (Payal Gaming Private Video) वायरल होने का दावा सोशल मीडिया पर किया गया, लेकिन वायरल हो रहे वीडियो को पायल गेमिंग ने खुद सामने आकर फेक बताया था. इससे पहले भी एक 19 मिनट 43 सेकंड का वीडियो वायरल हुआ था. इन सभी मामलों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी कर साफ कर दिया है कि अगर प्लेटफॉर्म्स ने अश्लील, अभद्र कंटेंट पर रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना होगा.

आईटी मंत्रालय ने पाया है कि कई सोशल मीडिया अपने प्लेटफॉर्म पर अश्लील आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं. मंत्रालय ने साफ किया है कि आईटी एक्ट के तहत मिलने वाली छूट तभी तब होगी जब ये कंपनियां नियमों का पालन करेंगी.

नए आदेश की जरूरी बातें
अगर अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने नियमों का पालन नहीं किया तो उन पर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत आपराधिक मामला चलाया जा सकता है.

नए आदेश के मुताबिक किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले या अश्लील कंटेंट को शिकायत मिलने के 24 घंटे के अंदर हटाना होगा.

बाल शोषण और अश्लील कंटेंट पर सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भी है जिम्मेदारी
नए आदेश से सरकार ने याद दिलाया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बिचौलिए होने के नाते इनकी वैधानिक जिम्मेदारी है कि वे अपने यूजर्स को ऐसा कोई भी कंटेंट होस्ट या शेयर न करने दें जो देश के कानून के खिलाफ हो. एक्चुअल नॉलेज या फिर कोर्ट के आदेश मिलते ही सख्त एक्शन भी लिया जाएगा