72 घंटे का तूफानी कहर, 58 मौतें, 1,000 से ज्यादा मकान ढहे, 45 साल का रिकॉर्ड टूटा, उड़ानों और ट्रेनों पर असर

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​जल-प्रलय का मुख्य लेखा-जोखा

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​ पिछले 72 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं ने पूरे प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। जगह-जगह मकान ढहने, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने तथा जलभराव से जुड़ी घटनाओं में शनिवार शाम तक 58 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है और खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। खबर उत्तर प्रदेश से है।

​रिकॉर्ड तोड़ बारिश: कानपुर में 175.4 mm बारिश के साथ 45 साल का रिकॉर्ड टूटा। लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 342 mm, सीतापुर में 273.2 mm, बांदा में 245.6 mm और बहराइच में 239 mm बारिश दर्ज की गई।  ​विमान और रेल सेवाएं प्रभावित: कम दृश्यता और जलभराव के कारण लखनऊ आ रही 6 उड़ानों को दिल्ली व नोएडा डायवर्ट किया गया। चारबाग रेलवे स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया और ट्रैकों पर पानी भरने से ट्रेनों की रफ्तार थम गई। 

​भारी संपत्ति व फसल हानि: प्रदेश भर में 1,021 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त या पूरी तरह ढह गए। हादसों में 107 पशुओं की मौत हुई है। धान, गन्ना, बाजरा, तिल और सब्जियों की सैकड़ों बीघा फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। 

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​राजधानी में त्राहि-माम : लखनऊ के इंदिरानगर, जानकीपुरम, फैजुल्लागंज और गोमतीनगर में पानी घरों में घुसा। शहर में 125 से अधिक पेड़ गिरे और 100 से अधिक बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। 

 

​ज़िलों से तबाही की ज़मीनी रिपोर्ट

​अवध क्षेत्र में सर्वाधिक मौतें (26): सीतापुर (6), बहराइच (5), बलरामपुर (4), अयोध्या (4), बाराबंकी (3), गोंडा (2), अमेठी (1) और श्रावस्ती (1)।

​अन्य ज़िले: लखीमपुर खीरी (6), गोरखपुर (5), हरदोई (4), हमीरपुर (3), कानपुर देहात (2), मैनपुरी (2), एटा (1), महोबा (1), बांदा (1), जौनपुर (1), संतकबीरनगर (1), प्रयागराज (1), प्रतापगढ़ (1), फर्रुखाबाद (1) और फतेहपुर (1)।

​कानपुर देहात : नवल निवादा गांव में देर रात कच्चा मकान गिरने से मलबे में दबकर मां-बेटी की दर्दनाक मौत।

​महराजगंज व बहराइच: महराजगंज के जिगिना में मकान ढहने से महिला की मौत। बहराइच में दीवार और पेड़ गिरने से सिपाही समेत 5 लोगों की जान गई।

​महोबा: चरखारी के करहरा खुर्द गांव में महज 6 सेकेंड में भरभरा कर गिरा कच्चा मकान, लगभग 50 हजार का नुकसान। 

​बलरामपुर: बिजली व्यवस्था ध्वस्त, आपूर्ति बहाल होने में 72 घंटे लग सकते हैं। अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर राप्ती नदी के कटान पर नजर रखी जा रही है।

​मौसम विभाग की चेतावनी और रेड/ऑरेंज अलर्ट

​भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 27 सितंबर तक मौसम का प्रकोप जारी रहेगा:

​ऑरेंज अलर्ट: मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति-भारी बारिश की संभावना।

​येलो अलर्ट (तराई क्षेत्र): सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा समेत तराई के जिलों में भारी बारिश के आसार।

​तूफानी हवाएं: 27 जिलों में 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी। 

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश

​मैदान में अफसर : सभी जिलाधिकारियों (DM) को तत्काल फील्ड में उतरकर जलभराव और नुकसान का जायजा लेने के निर्देश।

​स्कूलों में छुट्टी : रेड अलर्ट और बाढ़/जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में तुरंत स्कूल बंद रखने के आदेश।

​सुरक्षात्मक स्थानांतरण : लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों को कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश।

​राहत दल मुस्तैद : पीएसी, आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, फायर सर्विस और होमगार्ड्स को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। क्षति का सर्वे कराकर पीड़ितों को तत्काल सहायता राशि प्रदान की जा रही है।

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