लाख रोको पर कावड़िए माने ही नही, प्रशासन ने की बॉर्डर पर व्यवस्था

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राज्य सरकार के द्वारा राज्य में कांवड़ यात्रा की अनुमति नहीं मिली है और करो न के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने बाहर से आने वाले कांवरियों के लिए बॉर्डर पर ही गंगाजल की व्यवस्था की हुई है बता दें कि वही हरिद्वार प्रशासन ने नारसन बॉर्डर पर गंगाजल की व्यवस्था भी की हुई है यदि कोई कावड़िया जल लेने के लिए आ रहा है तो उसे निराश ना होना पड़े और बॉर्डर पर ही गंगाजल लेकर वापस भेजा जा रहा है। नारसन बॉर्डर पर बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को वापस भेजा जा रहा है।

उत्तराखंड सीमा की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है चोरी छुपे उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले कांवड़ यात्रियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।गंगाजल लेने आने वाले कावड़ियों को 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन किया जाएगा व आपदा अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत भी किया जा रहा है। प्रदेश में आने वाले लोगों को उत्तराखंड पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन व आरटी पीसीआर नेगेटिव की रिपोर्ट होना अनिवार्य है। वहीं राज्य में पुलिस प्रशासन के द्वारा बार-बार कांवरियों से ना आने की अपील की जा रही लकिन इसके बावजूद भी कावड़िए कहां मानने को तैयार हैं।

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