होटल के कमरे से चल रहा था ऑनलाइन सट्टे का खेल! दो लड़के और एक युवती गिरफ्तार, लाखों के लेन-देन का खुलासा

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जयपुर। राजधानी जयपुर के वैशाली नगर इलाके में पुलिस ने एक होटल के कमरे से कथित तौर पर चल रहे ऑनलाइन जुआ-सट्टे के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों और एक युवती को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मेलोडे होटल के कमरा नंबर 204 में की गई, जहां पुलिस के पहुंचने पर तीनों आरोपी मौजूद बताए गए।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर क्रिकेट समेत अन्य खेलों पर ऑनलाइन पैसे लगवाकर कथित तौर पर सट्टा संचालित करने का आरोप है। छापेमारी के दौरान कमरे से 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए। अब इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।

होटल का कमरा बना कथित सट्टा संचालन का ठिकाना

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, होटल का कमरा सामान्य तरीके से बुक किया गया था, लेकिन अंदर से ऑनलाइन गतिविधियां संचालित किए जाने का आरोप है। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर कमरे में दबिश दी और वहां मौजूद तीन लोगों को हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार, कमरे से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस मामले में अहम सबूत हो सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन उपकरणों के जरिए किन लोगों से संपर्क किया जाता था और पैसों से जुड़े कितने लेन-देन हुए।

करीब 6 लाख रुपये के लेन-देन का हिसाब

शुरुआती जांच में पुलिस को करीब 6 लाख रुपये के लेन-देन का हिसाब मिलने की बात सामने आई है। वहीं पुलिस ने कथित गतिविधियों के आधार पर महीने का अनुमानित कारोबार करीब 18 लाख रुपये बताया है। हालांकि यह शुरुआती जांच का आंकड़ा है और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तथा वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

तीनों आरोपियों की पहचान सामने आई

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान नेपाल के अशोक पौडेल, परीना गिरी और महाराष्ट्र के पुणे निवासी पवन वैष्णव के रूप में हुई है। तीनों को बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वैशाली नगर थाना पुलिस को सौंपा गया है।

बदलते रहते थे ठिकाने?

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात भी सामने आने की खबर है कि आरोपी कथित तौर पर एक ही स्थान पर लंबे समय तक नहीं टिकते थे और अलग-अलग जगहों से गतिविधियां संचालित करते थे। ऐसे में जांच का दायरा अब होटल के इस कमरे से आगे बढ़ सकता है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इससे पहले किन जगहों का इस्तेमाल किया गया और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

मोबाइल और लैपटॉप से खुलेगा पूरा राज

इस मामले में बरामद पांच मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और एक टैबलेट पुलिस की जांच का प्रमुख आधार हैं। इनके डेटा की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस कथित तौर पर डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा था और कथित तौर पर कितने लोगों के साथ आर्थिक लेन-देन हुआ।

पुलिस की जांच अभी जारी

फिलहाल पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का फोकस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच और कथित वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने पर है।

जयपुर में होटल के कमरे से सामने आया यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक छोटे से कमरे से कथित तौर पर लाखों रुपये के लेन-देन वाली ऑनलाइन गतिविधियां संचालित होने का आरोप सामने आया है। हालांकि मामले से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की पहुंच कहां तक थी, इसमें और कौन लोग शामिल थे और पैसों का लेन-देन किन माध्यमों से किया जा रहा था।

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