यशपाल और प्रीतम का इस्तीफा ,सदन में ucc पर ही चर्चा होने पर हंगामे के..

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विधानसभा में सरकार की कार्यप्रणाली से नाराज नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सोमवार को कार्य मंत्रणा समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ ही कांग्रेस के विधायक प्रीतम सिंह ने भी कार्य मंत्रणा समिति से इस्तीफा दे दिया है।
प्रदेश की धामी सरकार मंगलवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का संशोधित विधेयक पेश करेगी। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में यह तय हुआ कि सदन में सारे काम छोड़कर सिर्फ यूसीसी पर चर्चा होगी।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा बैठक में तय हुआ कि इस दौरान प्रश्नकाल और कार्यस्थगन तक नहीं होगा। यूसीसी पर चर्चा के साथ ही राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण पर प्रवर समिति की रिपोर्ट को पटल रखा जाएगा। इससे नाराज नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा दे दिया। विपक्ष की मांग की थी कि यूसीसी पर चर्चा के लिए समय दिया जाए।
साथ ही प्रश्नकाल और कार्यस्थगन की कार्यवाही की जाए। नाराज नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा दे दिया। शाम को कांग्रेस विधायक दल ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से प्रदेश सरकार के नियम विरुद्ध सदन चलाने की शिकायत की।
वहीं, विधानसभा सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन में छह वर्तमान और पूर्व विधायकों के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इसमें वर्तमान विधानसभा में मंगलौर से बसपा विधायक रहे शरबत करीम अंसारी, पूर्व विधायक मोहन सिंह रावत गांववासी, पूरन चंद शर्मा, कुंवर नरेंद्र सिंह, किशन सिंह तड़ागी, धनीराम सिंह नेगी को सदन में याद कर पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने संस्मरण को साझा किया।
कार्य मंत्रणा बैठक में एक दिन का एजेंडा हुआ तय, स्पीकर ने कल दोबारा बुलाई बैठकयूसीसी पर खत्म हो रहा इंतजार : धामीउत्तराखंड के ही नहीं, देशभर के लोग यूसीसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मंगलवार को सदन में यूसीसी विधेयक पेश कर इस पर चर्चा होगी। उत्तराखंड के लिए युगांतकारी समय है। पूरे देश की नजर हम पर है। मातृ शक्ति के उत्थान के लिए सभी दलों के सदस्य सकारात्मक रूप से चर्चा में भाग लें। सरकार जनता से किया वादा पूरा करने जा रही है। यह मौका सौभाग्य से उत्तराखंड को मिल रहा है, जिसकी देश को लंबे समय से आवश्यकता थी। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
कार्यमंत्रणा की बैठक में निर्णय हुआ कि छह फरवरी को यूसीसी विधेयक और राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण पर प्रवर समिति की रिपोर्ट को पटल पर रखा जाएगा। यूसीसी पर सदन में विस्तार से चर्चा होगी। इस देखते हुए प्रश्नकाल और कार्यस्थगन नहीं होगा। यूसीसी पर हम सभी गर्व होना चाहिए कि देश के लिए एक ऐसा कानून लाने जा रहे हैं।-ऋतु खंडूड़ी भूषण, विधानसभा अध्यक्ष
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सदन संचालन के लिए कार्यसूची तय की जाती है। मंगलवार को जो सदन चलेगा, वह भी कार्यमंत्रणा में लिए गए निर्णय के आधार पर चलेगा। प्रदेश सरकार प्रचंड बहुमत के बाद भी विपक्ष का पूरा सम्मान कर रही है। विपक्ष यूसीसी पर चर्चा नहीं चाहता है और न ही विपक्ष की मंशा है कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो।- प्रेमचंद अग्रवाल, संसदीय कार्यमंत्री
सरकार सदन चलाने में कार्य संचालन नियमावली की अवहेलना कर विशेष सत्र का रूप दे रही है। प्रश्नकाल और कार्यस्थगन न करना विधायकों के अधिकारों का हनन है। कार्यमंत्रणा में विपक्ष ने अपराह्न बाद यूसीसी विधेयक पेश कर सात फरवरी को चर्चा करने की बात रखी, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। जिससे कार्यमंत्रणा समिति से मैंने और प्रीतम सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। -यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष।

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