क्या प्रदेश में फिर गृह मंत्रालय के आदेश पर लगेगा लॉकडाउन?

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राज्य में कोरोनावायरस के मामलों में कमी आता देख राज्य सरकार के द्वारा कर्फ्यू में छूट देना शुरू कर दिया गया था लेकिन कोरोनावायरस की दूसरी लहर से ज्यादा खतरनाक कोरोनावायरस की तीसरी लहर को बताया जा रहा है पर ऐसे देखा जा सकता है कि कोरोनावायरस की तीसरी लहर आने में भी ज्यादा समय नहीं लगने वाले क्योंकि जिस प्रकार से छूट मिलने के बाद बाजारों में भीड़ भाड़ देखने को मिल रही है और लोग नियमों की धज्जियां उड़ाते में नजर आ रहे हैं ऐसे में कहीं ना कहीं पर कोरोना की पहली और दूसरी लहर से खतरनाक तीसरी लहर साबित हो सकती है और हालातों को संभालने के लिए प्रदेश में फिर से लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है। गृह मंत्रालय ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। मुख्य सचिवों के नाम लिखी गई चिट्ठी में गृह मंत्रालय ने कहा कि देश के कई हिस्सों में कोरोना नियमों का उल्लंघन हो रहा है। खासकर सार्वजनिक परिवहन और पहाड़ी क्षेत्रों में। कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। कोरोना के कई वैरिएंट अभी भी सक्रिय हैं। जिस तरह के हालात बने हुए हैं, उसे देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भीड़ नियंत्रण के प्रभावी उपाय नहीं किए तो गृह मंत्रालय पर्यटक स्थलों वाले जिलों में कभी भी लॉकडाउन लगा सकता है।

उत्तराखंड सरकार कोविड कर्फ्यू में छूट का दायरा बढ़ा रही है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में जैसे हालात बने हुए हैं, वो वाकई गंभीर हैं।गृह मंत्रालय ने भी इसे लेकर चिंता जताई है। पिछले कई महीनों से जारी कोविड कर्फ्यू के चलते यहां कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड सरकार अनलॉक में छूट देकर कारोबारियों को राहत देना चाहती है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट भी दिख रहे हैं। पहाड़ों पर भीड़ उमड़ने से पर्यटन से जुड़े कारोबारी तो खुश हैं, लेकिन स्थानीय लोग डरे हुए हैं। इसे देखते हुए गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर पाबंदियां लगाने को कहा है। ये भी कहा कि जिन जगहों पर कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा, वहां फिर से लॉकडाउन लगा दिया जाए। पत्र में पहाड़ों में भीड़ का जिक्र भी किया गया है। आपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने भी पर्यटकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। जो भी पर्यटक बिना कोविड नेगेटिव रिपोर्ट के उत्तराखंड आ रहे हैं, उन्हें बॉर्डर से ही लौटाया जा रहा है। अब तक हजारों पर्यटकों को वापस लौटाया जा चुका है।

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