मुंहासे बार-बार क्यों लौट आते हैं? इन 7 गलतियों में छिपा है जवाब
एक मुंहासा ठीक होता है और दूसरा निकल आता है — यह चक्र बहुत से युवाओं की सबसे बड़ी परेशानी है। दरअसल, चेहरे पर बार-बार मुंहासे (recurring acne causes) निकलने के पीछे सिर्फ तैलीय त्वचा नहीं होती; रोज़ की कुछ ऐसी आदतें भी होती हैं जिन पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता। त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं कि मुंहासों का बार-बार लौटना अक्सर अंदरूनी और बाहरी कारणों के मेल का नतीजा होता है, इसलिए सिर्फ क्रीम लगाने से यह चक्र टूटता नहीं।
हॉर्मोन और तनाव — शरीर के अंदर से उठने वाले मुंहासे
मुंहासों के पीछे सबसे बड़ा अंदरूनी कारण हार्मोनल उतार-चढ़ाव हो सकता है। किशोरावस्था में, माहवारी चक्र के आसपास या तनाव के दिनों में शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव त्वचा की तेल ग्रंथियों को ज़्यादा सक्रिय कर देते हैं। जब अतिरिक्त तेल रोमछिद्रों में फंसता है, तो मुंहासे बनने लगते हैं। यही वजह है कि कुछ लोगों को हर महीने एक तय समय पर मुंहासे निकलते हैं।
मानसिक तनाव भी इस चक्र को तेज़ करता है। तनाव के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव तेल उत्पादन बढ़ा सकते हैं, जिससे मुंहासे और भड़क जाते हैं। इसके अलावा नींद की कमी और बहुत ज़्यादा मीठा या तैलीय खानपान भी कुछ लोगों में मुंहासों से जुड़ा देखा जाता है। त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं कि अंदरूनी कारणों को नज़रअंदाज़ करके सिर्फ बाहरी इलाज पर भरोसा करना इस समस्या को लंबा खींच देता है।
तकिया, फोन और उंगलियां — रोज़ की ये आदतें मुंहासों को बुलाती हैं
दिन में कई बार अनजाने में चेहरा छूने की आदत मुंहासों की सबसे आम वजहों में से एक है। उंगलियों पर मौजूद तेल और गंदगी चेहरे पर पहुंचकर रोमछिद्रों को बंद कर देती है। इसी तरह मोबाइल फोन की स्क्रीन, जो दिनभर हाथों और चेहरे के संपर्क में रहती है, तेल और बैक्टीरिया का घर बन जाती है — और जब वही स्क्रीन गाल से लगती है, तो मुंहासों को न्योता मिलता है।
तकिए का कवर भी एक छिपा अपराधी है। हफ्तों तक न बदला गया तकिया कवर तेल, पसीना और धूल से भर जाता है, जो रातभर चेहरे के संपर्क में रहता है। इसके अलावा बालों में लगाए जाने वाले तेल या जेल जब माथे पर आते हैं, तो हेयरलाइन के पास मुंहासे निकलने लगते हैं। बहुत ज़्यादा फेस वॉश करना भी उल्टा असर डालता है — त्वचा रूखी होकर और ज़्यादा तेल बनाने लगती है। और पिंपल्स को नोचने या फोड़ने की आदत न सिर्फ दाग छोड़ती है, बल्कि संक्रमण फैलाकर और मुंहासे भी बढ़ा सकती है।
इन सात गलतियों को एक बार समेटकर देखें: पहली — बार-बार चेहरा छूना; दूसरी — गंदी फोन स्क्रीन का गाल से लगना; तीसरी — हफ्तों पुराना तकिया कवर; चौथी — बालों के उत्पादों का माथे पर आना; पांचवीं — ज़रूरत से ज़्यादा फेस वॉश; छठी — पिंपल्स को नोचना या फोड़ना; और सातवीं — त्वचा के प्रकार से मेल न खाने वाले उत्पादों का इस्तेमाल।
कब समझें कि अब डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह जरूरी है
हल्के मुंहासे तो सही देखभाल से कम हो जाते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में विशेषज्ञ की सलाह जरूरी हो जाती है। जब मुंहासे बड़े, दर्दनाक और गांठ जैसे होने लगें, त्वचा पर गहरे दाग या गड्ढे पड़ने लगें, या हफ्तों की सही देखभाल के बावजूद कोई फर्क न दिखे — तो समझें कि यह सिर्फ आम मुंहासों का मामला नहीं रह गया।
मुंहासों का इलाज सबके लिए एक जैसा नहीं होता — किसी दोस्त के बताए तरीके से आपकी त्वचा पर उल्टा असर भी पड़ सकता है। इसलिए अपनी त्वचा की स्थिति के हिसाब से विशेषज्ञ से मार्गदर्शन लें; समय पर सही परामर्श से इस चक्र को तोड़ा जा सकता है।
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