Waqf Amendment Bill 2025: क्या है वक्फ?, क्यों इस कानून में बदलाव हो रहा है? क्या है Waqf Board की पावर?, जानें सबकुछ

इन दिनों वक्फ बोर्ड(waqf board) काफी चर्चाओं में है। वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पास हो गया है। कहा जा रहा है कि सरकार जो बड़े बदलाव वक्फ(Waqf Amendment Bill 2025) में करने जा रही है उससे काफी कुछ बदल जाएगा यहां तक की कई चीजों की परिभाषा भी। अब क्या है ये वक्फ बोर्ड यै कैसे काम करता है और इसमें क्या क्या पावर मिलती हैं? इन तमाम बातों को अगर आप जानना चाहते है तो ये आर्टिकल आपके लिए है। आइए सबसे पहले जानते है कि ये वक्फ बोर्ड (waqf board kya hai)आखिर है क्या?
वक्फ बोर्ड है क्या? waqf board kya hai?
वक्फ का मतलब होता है अल्लाह के नाम। वक्फ बोर्ड मुस्लिम समाज की जमीनों पर नियंत्रण रखने के लिए बनाया गया था। जिससे इन जमीनों के बेजा इस्तेमाल को रोका जा सके। वक्फ की प्रॉपर्टी किसी पर्सनल ओनरशिप में नहीं होती। बल्कि इस्लामिक धार्मिक या चैरिटेबल यूज के लिए डेडिकेट कर दी जाती है।
भारत में 32 स्टेट वक्फ बोर्ड और एक सेंट्रल वक्फ बोर्ड है। जो इन प्रॉपर्टीज़ का मैनेजमेंट करते हैं। मस्जिद, कब्रिस्तान या मदरसे ये सब वक्फ की प्रॉपर्टी हो सकती है। अब आप सोच रहे होंगे की ये वक्फ बोर्ड कैसे काम करता है तो दरअसल वक्फ बोर्ड देशभर में जहां भी कब्रिस्तान है वहां की घेरेबंदी करवाता है। आसपास की जमीन को भी अपनी प्रॉपर्टी करार दे देता है। फिर चाहे वो मजार हो या कोई जगह उस पर वक्फ का कब्जा हो जाता है।
1995 का वक्फ ऐक्ट what is waqf Act 1995?
1995 के वक्फ ऐक्ट की बात करें तो इसके मुताबिक अगर वक्फ बोर्ड को लगता है कि कोई जमीन उसकी है तो वो वहां कब्जा कर लेगा और फिर उसे अपनी जमीन प्रूव करने की जिम्मेदारी बोर्ड की नहीं बल्कि उस शख्स की है जो उसे अपनी जमीन क्लेम करता है।
मतलब बोर्ड को बस कहना है की ये हमारा है और अब जमीन के मालिक को अपनी जमीन के कागज दिखाने पड़ते हैं। अब कौन नहीं जानता कि कई परिवारों के पास आज भी अपनी जमीन का पुख्ता कागज नहीं होता है। वक्फ बोर्ड इसी का फायदा उठाता है क्योंकि उसे तो कोई सबूत देने की जरूरत ही नहीं।
वक्फ बोर्ड के पास कितनी ताकत है? waqf board Power
आसान भाषा में समझे तो उदाहरण के तौर पर जैसे आपकी संपत्ति है इसे अगर वक्फ बोर्ड अपनी संपत्ति कह देता है तो आप उसके खिलाफ कोर्ट नहीं जा सकते। आपको इसे लेकर सबसे पहले वक्फ बोर्ड से ही गुहार लगानी पड़ेगी। अगर वक्फ बोर्ड का फैसला आपके खिलाफ आया तो भी आप कोर्ट नहीं जा सकते। फिर आपको वक्फ ट्राइब्यूनल जाना होगा। सबसे बड़ी बात वक्फ एक्ट का सेक्शन 85 कहता है कि ट्राइब्यूनल का फैसला फाइनल है। ना ही हाई कोर्ट और ना सुप्रीम कोर्ट, आप कहीं अपील नहीं कर सकते। मतलब वक्फ बोर्ड की पावर इतनी ज्यादा है कि वो जो चाहे कर सकता है।
इस कानून में बदलाव का फैसला Waqf Amendment Bill 2025
इस सब को देखते हुए मोदी सरकार अब वक्फ बोर्ड की इन असीमित पावर को कम करने का प्लान कर रही है। जल्द ही वक्फ बोर्ड एक्ट में संशोधन का बिल संसद में आएगा। इस नए बिल में सबसे बड़ा बदलाव ये है कि वक्फ बोर्ड अब किसी भी जमीन को अपनी प्रॉपर्टी नहीं बोल सकेगा। जब तक उसका वेरिफिकेशन न हो।
वक्फ के पास कितनी जमीन?
बताते चले कि देश में वक्फ के पास 8.7 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टीज़ हैं। यानी करीब 9.4 लाख एकड़ जमीन। नए नियमों में हर दावे का वेरिफिकेशन जरूरी होगा। अगर वक्फ बोर्ड और कोई शख्स दोनों किसी जमीन पर क्लेम करते हैं तो भी चेकिंग होगी। लंबे वक्त के बाद राज्यसभा में स्थिति सरकार के पक्ष में दिखाई दे रही है और माना जा रहा है की अब ये बिल ऊपरी सदम में भी आसानी से पारित हो जाएगा
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