उत्तराखंड:- युवक के साथ हैवानियत, रातभर बनाया बंधक, प्राइवेट पार्ट में…

देहरादून से एक ऐसी वारदात सामने आ रही है जिसे पढ़कर आप भी हैरान-परेशान हो जाएंगे। यहां एक युवक के साथ हुई बर्बरता ने मानवता पर सवाल खड़े कर दिए है। आरोप है कि करीब 10 से 15 युवकों ने पीड़ित को करीब छह घंटे तक बंधक बनाकर रखा। उसको बिजली का करंट लगाया।
गर्म लोहे की रॉड से तब तक पीटा जब तक वो अधमरा नहीं हो गया। जब इन सब से भी उनका पेट नहीं भरा तो उसके प्राइवेट पार्ट में पेचकस भी डाला गया। जैसे-तैसे पीड़ित युवक आजाद आरोपियों के चंगुल से निकलने में कामयाब हुआ।
देहरादून में युवक के साथ बर्बरता!
दरअसल ये पूरा विवाद स्कूटी की टक्कर के बाद शुरू हुआ। इस घटना की परेशान कर देने वाली तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जिसमें युवक के प्राइवेट पार्ट और शरीर के हिस्सों पर गहरे चोट के निशान नजर आ रहे हैं। इसके बाद पीड़ित ने पटेलनगर में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया है। युवक दून अस्पताल में भर्ती है।

6 घंटे बंधक बनाकर पीटा
पीड़ित ने बताया कि ये घटना तीन जुलाई की रात करीब आठ बजे की है। घटना लालपुर पटेलनगर इलाके की है। वो पैदल जा रहा था। तभी एक एक्टिवा ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पीड़ित और आरोपी अंकुर वाल्मीकि सड़क पर गिर गए। स्कूटी की टक्कर के बाद ही ये पूरा विवाद शुरू हुआ।
टक्कर से शुरू हुआ पूरा विवाद
आरोप है कि स्कूटी स्वार और उसके साथी ने पीड़ित के साथ गाली गलौज करनी शुरू कर दी। इस दौरान दोनों ने पीड़ित को दांतों से काटा और सड़क पर बेरहमी से पीटा भी। देखते ही देखते ये विवाद बर्बरता में बदल गया। आरोप लगा है कि 10-15 युवकों ने एक राहगीर को अगवा किया। जिसके बाद करीब छह घंटे निरंजनपुर फल मंडी की दुकान नंबर-106 में बंधक बनाकर क्रूरता की।
युवक के प्राइवेट पार्ट में पेचकस डालकर पीटा, करंट लगाया…
पीड़ित ने बताय कि उसे बिजली का करंट लगाया गया। साथ ही गुप्तांग में पेचकस, गर्म लोहे की रॉड से वार और जान से मारने की भी धमकी दी। पीड़ित की पहचान आजाद रावत, निवासी जाखन कैनाल रोड के रूप में हुई है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंकुर वाल्मीकि, उसके साथी साहिल के साथ अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें



खनन निदेशक लेघा ने अवैध कारनामे वाले भंडारण पर कसा शिकंजा