उत्तराखंड हाई कोर्ट ने सुनाई चार धाम यात्रा पर की सुनवाई ,श्रद्धालुओं की संख्या पर पाबंदी हटाई

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अंकुर सक्सेना,हल्द्वानी।उत्तराखंड हाई कोर्ट के द्वारा चार धाम यात्रा पर एक बड़ा फैसला लिया गया है बता दे कि हाईकोर्ट ने चार धाम यात्रा पर जो पाबंदियां लगाई थी उसे हटा दिया है अब दर्शनार्थी के ऊपर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है जितनी मर्जी चाहे उतनी संख्या में लोग चार धाम यात्रा कर सकते हैं इस फैसले से उत्तराखंड सरकार को भी काफी बड़ी राहत मिली है क्योंकि हाईकोर्ट के फैसले में जब लोगों की संख्या को लेकर पाबंदी लगाई गई थी उससे कई व्यापारी,पुरोहित नाराज थे, लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद से उन्हें भी काफी राहत मिली है श्रद्धालुओं की संख्या को बढ़ाए जाने को लेकर इंटर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिस पर आज मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई की और श्रद्धालुओं पर लगाया प्रतिबंध को हाई कोर्ट के द्वारा हटा दिया गया, जिस वजह से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली है और अब वह बिना किसी श्रद्धालुओं की संख्या की पाबंदी के चार धाम की यात्रा के दर्शन कर सकते हैं लेकिन हाई कोर्ट ने सरकार को साफ कह दिया है कि यदि पाबंदियों पर छूट दी गई है।

तो कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन जरूर होना चाहिए।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर और मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि हाई कोर्ट के द्वारा कोरोना के मामलों को देखते हुए चार धाम यात्रा पर श्रद्धालुओं की संख्या को निर्धारित किया गया था लेकिन अब प्रदेश में कोरोना के मामले ना के बराबर आ रहे हैं तो चार धाम यात्रा पर श्रद्धालुओं की संख्या पर लगी पाबंदी को हटा देना चाहिए। क्योंकि चार धाम यात्रा में जिस प्रकार से पाबंदियों के बाद चार धाम यात्रा में आने के लिए लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं लेकिन उसके बावजूद भी वह चार धाम यात्रा पर मौजूद नहीं हो रहे हैं ।

और साथ ही रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद होटल ऑनलाइन बुकिंग कर रहे है लेकिन बाद में उसे कैंसिल कर दे रहा है इससे आर्थिक संकट भी पैदा हो रहा है और चार धाम यात्रा के पुरोहित और व्यापारी काफी इससे नाराज है। और वैसे भी चार धाम यात्रा के खत्म होने में ज्यादा समय नहीं बचा है।

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