बारिश के कारण भरभराकर गिरे तीन मकान, वाहन दबे, नाली और सड़क धंसी

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बरेली। बारिश के कारण सोमवार सुबह शहर मे तीन मकान ढह गए। इन हादसों में तीन दोपहिया वाहनों समेत कीमती सामान मलबे में दब गया और पांच परिवार बेघर हो गए। दो मकान दरगाह आला हजरत के पास और आजमनगर में गिरे, जबकि तीसरा जाटवपुरा मोहल्ले में ढहा। सौदागरान में दरगाह आला हजरत व लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास स्थित 50 साल पुराना दोमंजिला मकान सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे अचानक गिर गया। इससे सड़क पर मलबा फैल गया और दरगाह की ओर जाने वाला रास्ता बंद हो गया। गनीमत रही कि मकान पहले से खाली था और नीचे बनी दुकान भी बंद थी। दूसरा हादसा कोतवाली क्षेत्र के आजमनगर में हरी मस्जिद के पास हुआ। यहां शरीफ मियां का 80 साल पुराना दोमंजिला मकान सुबह साढ़े छह बजे ढह गया। यह मकान भी जर्जर होने के कारण खाली पड़ा था, लेकिन गली में खड़े तीन दोपहिया वाहन मलबे में दब गए। जाटवपुरा में पांच सगे भाई ओमकार, सुरेश, गिरीश, रामगोपाल और राजपाल के परिवार पहले एक ही मकान में साथ रहते थे। मकान अचानक गिरने से पांचों परिवार का कीमती सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त घर में कोई नही था। मकान गिरने से आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। आजमनगर में ढहे मकान के बराबर वाले मकान की दीवारों में दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश जारी रहने पर यह मकान भी खतरे की जद में आ सकता है। इससे आसपास के लोगों में दहशत है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम को मकान गिरने की सूचना दी। आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों को खुद मजदूरों की मदद से मलबा हटाना पड़ा। शहर के पुराने और जर्जर मकानों का सर्वे कराने की मांग की गई है। वही रामगंगानगर सेक्टर चार में भारी बारिश के कारण श्रेया पटेल के घर के सामने नाली, सीवर लाइन और सड़क धंस गई है। इससे उनके मकान के लिए खतरा पैदा हो गया है। श्रेया ने बीडीए कार्यालय में पत्र देकर नाली, सीवर और सड़क दुरुस्त कराने की मांग की है।।

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