घर में क्लेश और बढ़ता कर्ज हो सकते हैं पितृ दोष के संकेत, अभी जान लें मुक्ति के सरल उपाय
पितृ दोष के कारण घर में क्लेश, आर्थिक समस्याएं और संतान बाधा जैसी परेशानियां आ सकती हैं। भाद्रपद अमावस्या पर …और पढ़ें
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर महीने में मनाई जाने वाली अमावस्या पितरों की शांति और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। इस दिन पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन कार्यों को करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा परिवार के सदस्यों को प्राप्त होती है।
कुछ संकेतों के मिलने पर सतर्क हो जाना चाहिए। इन संकेतों को पितृ दोष (Pitru Dosh ke sanket) से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में भाद्रपद अमावस्या के दिन कुछ उपाय जरूर करने चाहिए, जिससे पितृ दोष को दूर किया जा सके। आइए, आपको बताते हैं पितृ दोष के कुछ मुख्य संकेत और उन्हें दूर करने के उपायों के बारे में।
पितृ दोष के मुख्य संकेत
- अगर आपके घर में लोगों के बीच बिना किसी कारण के अक्सर झगड़े होते रहते हैं, तो इसके पीछे की वजह पितृ दोष हो सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ दोष की वजह से लोगों को जीवन में पारिवारिक क्लेश की समस्या का सामना करना पड़ सकता है और आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है।
- इसके अलावा अगर जीवन में अधिक मेहनत करने के बाद भी आपकी आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है या फिर कर्ज की समस्या लगातार बढ़ रही है, तो इसका कारण भी पितृ दोष हो सकता है। ऐसे में आपको पितरों को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय जरूर करने चाहिए।
- संतान प्राप्ति में बाधा आना या फिर विवाह में देरी होने के पीछे की वजह भी पितृ दोष हो सकता है। इसके अलावा व्यापार या नौकरी में लगातार नुकसान होने को भी पितृ दोष से जोड़कर देखा जाता है।
- सपने में पूर्वजों का भूखे-प्यासे, रोते हुए या क्रोधित अवस्था में बार-बार दिखाई देना भी पितृ दोष की ओर ही इशारा करता है।
कैसे दूर करें पितृ दोष
- पितृ दोष को दूर करने के लिए भाद्रपद अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करें। इसके बाद हाथ में कुशा और काले तिल लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके सच्चे मन से पूर्वजों को जल अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से पितृ दोष दूर होता है और घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है।
- पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करना भी बहुत शुभ माना जाता है। भादो अमावस्या के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं और पेड़ की जड़ में जल, थोड़ा सा दूध और काले तिल चढ़ाएं। इसके बाद पेड़ की 5 या 7 बार परिक्रमा करें। इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में खूब तरक्की होती है।
- इसके अलावा भाद्रपद अमावस्या के दिन पूजा करने के बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं। इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र आदि चीजों का दान करें।
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