कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक में नहीं पहुंचे ये विधायक! ये वजह आई सामने
खाली हो रही तीन राज्यसभा सीटों के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है। दोनों दलों ने अपने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने इस सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन पर भरोसा जताया है…
भोपाल : मध्य प्रदेश में खाली हो रही तीन राज्यसभा सीटों के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है। दोनों दलों ने अपने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने इस सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन पर भरोसा जताया है। लेकिन कांग्रेस के कई नेताओं ने अंदरखाते मीनाक्षी नटराजन के नाम पर विरोध जताया है। ऐसे में कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का आशंका और बढ़ गई है। हालांकि संख्या बल के लिहाज से कांग्रेस के पास अपनी इस इकलौती सीट को आसानी से जीतने के लिए पर्याप्त वोट मौजूद हैं, लेकिन पर्दे के पीछे की राजनीतिक सुगबुगाहट कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि बीजेपी रणनीतिक तौर पर तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है, जिसने कांग्रेस के खेमे में ‘क्रॉस वोटिंग’ की पुरानी चिंताओं को फिर से जिंदा कर दिया है। अपनी विधायकों की बाड़ेबंदी के लिए कांग्रेस ने शनिवार कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस बैठक की खास बात यह रही कि कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ समेत 4 विधायक गायब रहे। राज्यसभा चुनाव को लेकर इस अहम बैठक से कमलनाथ समेत विधायकों को अनुपस्थित रहने पर सवाल उठने लगे हैं। इनमें पूर्व सीएम व विधायक कमलनाथ के अलावा, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बेटे विधायक जयवर्धन सिंह, विधायक योगेंद्र सिंह बाबा और विधायक वीर सिंह भूरिया भी बैठक में अनुपस्थित रहे। हालांकि पार्टी नेताओं ने मामले की नॉर्मल बताते हुए इस पर सफाई भी दी। 3 विधायकों के बैठक में न आने की अलग अलग वजहें बताई। पार्टी नेताओं के मुताबिक विधायक योगेंद्र सिंह बाबा दो दिन पहले हादसे का शिकार हो गए थे जिसकी वजह से वे नहीं आए। विधायक जयवर्धन सिंह को चेन्नई गए थे जिसकी वजह से लेट हो गए, जबकि पूर्व सीएम व विधायक कमलनाथ बैठक से वर्चुअली जुड़ गए थे। हालांकि बाद में जयवर्धन भी आए और उन्होंने मीनाक्षी नटराजन से मुलाकात की। कांग्रेस का दावा है कि सभी विधायक एक जुट हैं और कांग्रेस की इस सीट पर जीत पक्की है।
BJP का ‘तीसरा खिलाड़ी’ उतारने का संकेत
यदि बीजेपी केवल दो सीटों पर संतोष करती, तो यह चुनाव निर्विरोध संपन्न हो जाता। लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी ऐन वक्त पर तीसरा प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को दिलचस्प और कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण बना सकती है। क्रॉस वोटिंग का खतरा- मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर हाल के दिनों में उपजी आंतरिक गुटबाजी और असंतोष किसी से छिपा नहीं है। पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं ने दबी जुबान में नटराजन की उम्मीदवारी पर सवाल भी खड़े किए हैं। ऐसे में यदि बीजेपी तीसरा उम्मीदवार लाती है, तो कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सियासी गलियारों का अहम सवाल-क्या कांग्रेस अपने सभी विधायकों को एकसाथ बांधे रख पाएगी, या फिर बीजेपी एक बार फिर से विपक्ष के संख्या बल में सेंध लगाने में कामयाब होगी?
सबसे पहले ख़बरें पाने के लिए -
👉 सच की तोप व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें


