पहाड़ियों के हल्ला बोल अभियान से जागा प्रशासन हटाया गया रिसीवर@haldwaninews (देखें वीडियो )

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हल्द्वानी एसकेटी डॉट कॉम

@haldwani हल्द्वानी के हीरा नगर स्थित पर्वतीय उत्थान मंच में प्रशासन द्वारा रिसीवर तैनात करने के बाद उबले पर्वतीय समाज के महा रैली निकालने के निर्णय बाद यह गूंज शासन तक चली गई. पर्वती समाज को सौंपी गई इस भूमि पर कुछ लोगों द्वारा बिना सहमति के निर्माण करने से जिसके बाद दोनों पक्षों को यहां पर यथास्थिति बनाए जाने के निर्देश हुए थे लेकिन इसके बाद भी दूसरे पक्ष द्वारा विवादित निर्माण का का लेंटर डाल दिया गया जिसके बाद जब यह मामला एक बार फिर उछल गया.

जिसकी सूचना विभिन्न सूत्रों द्वारा शासन तक पहुंची राज्य आंदोलनकारी रही भावना पांडे ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की. इसके बाद मुख्यमंत्री नेक भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कालाढूंगी के विधायक बंशीधर भगत को यह मामला सुलझाने के लिए उत्थान मंच में भेजा .

महारैली से पूरा आहूत एक बैठक में विभिन्न दलों से नाता रखने वाले पर्वतीय समाज के वरिष्ठ लोग यहां पर पहुंचे सभी ने एक सुर में इस जमीन पर रिसीवर बिठाए जाने की खिलाफत की. इस दौरान कई पुराने लोग जो इस आंदोलन के दौरान छात्र नेताओं की भूमिका में थे जिनमें मुख्य रुप से पूर्व विधायक, नवीन दुमका हुकुम सिंह कुंवर हरेंद्र सिंह बोरा संध्या डालाकोटी नवीन वर्मा नारायण पाल सतीश नैनवाल राहुल छिमवाल शोभा बिष्ट महेश शर्मा भुवन जोशी रत्ना श्रीवास्तव कमल शर्मा सुशील भट्ट मुकेश शर्मा समेत कई वरिष्ठ लोग यहां पहुंच गए.

पूर्व मंत्री एवं कालाढूंगी की विधायक बंशीधर भगत ने एक स्वर में कहा कि यह भूमि पर्वतीय संस्कृति बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दी गई है और यह पर्वती स्थान मंच के पास ही रहेगी और यहां पर सीवर की नियुक्ति नहीं रहेगी उसे प्रशासन तुरंत हटा लेगा जिसके वही बंशीधर भगत ने कहा कि वह वह किसी भी तरह की महारैली निकाले जाने के पक्ष में नहीं है हल्द्वानी में जाम की स्थिति रहती है उसके ऊपर और भी जाम बढ़ाया जाए इसके लिए वह इसके पक्ष में नहीं है वह एसडीएम को मंच में ही बुलवा देते हैं और यहीं पर ही वह आपका ज्ञापन ले लेंगे. इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने एक स्वर से महारैली स्थगित करने का निर्णय लिया. 3 जनवरी को जिलाधिकारी द्वारा वह पत्र भेजा गया जिसमें रिसीवर को हटाने की बात कही गई है अब उत्थान मंच में पूरा आधिपत्य पर्वतीय समाज उत्थान मंच का रहेगा.

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