रैणी और रामगढ़ प्राकृतिक आपदा नहीं मानव जनित है : किशोर

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हल्द्वानी एसकेटी डॉटकॉम

सड़क बनाने के दौरान इकट्ठा किया गया मलवा अगर सही ढंग से निस्तारित किया गया होता तो रैणी और रामगढ़ की घटना नही होती। इतनी संख्या मे लोग हताहत नही होते। सरकार लोगो को दो मायने में से नही तोल सकते है एक तरफ लखीमपुर में 45 लाख मुआवजा दिया जाता है। वही दूसरी ओर चार- पांच लाख पकड़ा दिया जाएगा।

सरकार को यहाँ के लोगो का जल, जंगल लौटना चाहिए। अथवा जंगल एवम पानी की कीमत पर बिजली, ऒर सिलेंडर मुफ़्त करना चाहिए।लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य मुफ्त होना चाहिये। प्रति परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नॉकरी मिलनी चाहिये। 72 प्रतिशत वन हमेशा छीना गया गया उसका मुआवजा मिलना चाहिए। मध्य हिमाळयीय में मौषम का परिवर्तन जो हुआ उसपर सरकार की ऒर कोई ध्यान नही दिया जाएगा। पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता दीपस्क बलुटिया, हुकुम सिंह कुँवर समेत कई लोग शामिल रहे।

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