बनाने में तो नही किया फोन अब क्यों, भाजपा के हलद्वानी उत्तरी मंडल के इस्तीफों के बाद जिलाध्यक्ष का जवाब

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हलद्वानी एसकेटी डॉट कॉम

भारतीय जनता पार्टी के मिशन 2022 के लिए जहां पार्टी अपनी कार्यसमितियों को संपन्न कराने में लगी है वही हल्द्वानी नगर के उत्तरी मंडल के पदाधिकारियों के बाद अब महिला मोर्चे की अध्यक्ष एवम महामंत्री के इस्तीफे के बाद भाजपा में बड़ी हलचल मची हुई है।

लोग कयास लगा रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ की हल्द्वानी नगर का उत्तरी मंडल जो मुख्य रूप से हल्द्वानी शहर की भाजपा की रीड के रूप में काम करता है के इस तरह से पार्टी के पदों से इस्तीफा देना बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।

हमारे पोर्टल के प्रतिनिधि के तौर पर जब एक सवाल जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट से किया गया कि इस्तीफों की क्या वजह हो सकती है तो जिलाध्यक्ष ने तपाक से उत्तर दिया कि आपने पदाधिकारियों को बनाने के वक्त तो आपने फोन नहीं किया तो अब क्यों। जिस तरह से अध्यक्ष ने मीडिया को यह जवाब दिया उससे कहीं न कहीं यह लगता है की जिले के मंडलों में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। मंडल पदाधिकारियों में कहीं ना कहीं और संतोष बना हुआ है। भाजपा जैसी अनुशासित पार्टी में कार्यकर्ता का सम्मान होता है तथा पदाधिकारियों को सार्वजनिक तौर पर सरकारी एवं पार्टी के कार्यक्रमों में मंच पर स्थान मिलता है इतने बड़े सम्मान के बाद भी अगर पदाधिकारी पद से इस्तीफा दे रहे हैं तो निश्चित रूप से कहीं ना कहीं पार्टी संगठन में अंदरूनी तौर पर असंतोष के साथ खींचतान भी चल रही है।

वही जब मंडल अध्यक्ष रहे नवीन पद से उनकी नाराजगी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह अपना-अपना विवेक है हमने तो पहले ही इस्तीफा दे दिया था महिला विंग की पदाधिकारियों द्वारा बाद में दिया गया है जब उनसे यह पूछा गया कि क्या जिला अध्यक्ष द्वारा क्या उनसे उनके इस्तीफे के बाद बात की गई तो उन्होंने कहा कि संगठन के फोन आ रहे हैं लेकिन उन्होंने जिलाध्यक्ष का नाम नहीं लिया।

जिसस जिससे स्पष्ट रूप से यह साबित होता है कि जिला अध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों के बीच सामंजस्य की कमी रह गई है। विगत दिनों उत्तरी मंडल अध्यक्ष नवीन पंत ने अपने महामंत्री एवं कोषाध्यक्ष के साथ इस्तीफा दे दिया था उसके बाद विगत दिवस महिला विंग की अध्यक्ष दीप्ति चुफाल और महामंत्री प्रेमलता पाठक द्वारा भी इस्तीफा दे दिया गया उनके इस्तीफे के बाद हल्द्वानी के साथ नैनीताल जिले कि भाजपा राजनीति में गहमागहमी बढ़ गई।

राजनीतिक जानकारों का मानना है की एक मंडल के पदाधिकारियों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद अब कहीं ना कहीं इस संबंध में पार्टी संगठन द्वारा जिलाध्यक्ष से जवाब मांगा जा सकता है पार्टी में काफी लंबे समय से सक्रिय जिला अधक्ष प्रदीप बिष्ट खाते सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। संगठन द्वारा हल्द्वानी महानगर की जिले के रूप में मान्यता खत्म कर प्रशासनिक जिलों के हिसाब से जब नेतृत्व बदला तो प्रदीप बिष्ट संगठन की नजर में सबसे सटीक प्रत्याशी के तौर पर रहे इसलिए उन्हें नैनीताल जिले की कमान सौंपी गई ।।

वर्तमान समय से वह नैनीताल जिले की लाल कुआं विधानसभा क्षेत्र से चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं राजनीतिक क्षेत्रों में इस बात की काफी चर्चा भी है किस संगठन में खांसे सक्रिय होने के साथ ही वह चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं। लेकिन जिस तरह से मंडल के पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की तैयारियों पर असर पड़ना लाजमी है।

राजनीति के जानकारों के अनुसार हल्द्वानी में उत्तरी मंडल के महामंत्री रहे ज्ञानेंद्र जोशी की एक ऑडियो वायरल हुई थी जिसके बाद संगठन ने उन्हें पद मुक्त कर दिया था । कहीं ऐसा भी हो सकता है कि उनके पद मुक्त करने के संगठन के फैसले के विरोध में मंडल द्वारा इस्तीफे दिए जा रहे हो मंडल पदाधिकारियो के इस्तीफे के बाद अब महिला मोर्चे के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया पूछने पर मंडल अध्यक्ष ने कहा कि वह कई बातें रखेंगें।

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