अफसरों की लापरवाही पड़ी भारी, सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट अधर में

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देहरादून एसकेटी डॉटकॉम

अधिकारियों की लापरवाही से एक बार फिर सरकार के एक महत्वपूर्ण ड्रीम प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है । अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को 100 सीटों की मान्यता दिलाने के लिए किया गया आवेदन पूर्ण रूप से भरा नहीं होने के कारण वर्ष 2021-22 के लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की टीम निरीक्षण करने के लिए नहीं आएगी। आधे अधूरे आवेदन से राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने यह फैसला लिया है अब कॉलेज को दोबारा से वर्ष 2022 23 के लिए आवेदन करने को कहा गया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग देहरादून पहुंची एक चिट्ठी से सभी अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है इस संबंध में कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है

उत्तराखंड सरकार इस ड्रीम प्रोजेक्ट को चुनावी वर्ष में शुरू करने का मन बना चुकी थी जिसके लिए हल्द्वानी और देहरादून से करीब 3 डॉक्टरों को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में भेजा गया था।

उत्तराखंड सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज पर अफसरों की लापरवाही से संकट पैदा हो गया है। एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) को 100 सीटों की मान्यता के लिए निरीक्षण कराने को आवेदन पूर्ण रूप से नहीं किया गया। इसके चलते अब तक एनएमसी की टीम सत्र 2021-22 की मान्यता को निरीक्षण के लिए नहीं आई है। जब आवेदन सही से न किये जाने का पता चला तो विगत 15 सितंबर को कॉलेज द्वारा आवेदन किया गया।

एनएमसी की ओर से 23 सितंबर को चिट्ठी भेजकर कहा गया है कि प्राथमिक आवेदन के दौरान 26 नवंबर 2020 को चार लाख 13 हजार रुपये फीस जमा कराई गई। लेकिन आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने की वजह से लेटर ऑफ एकनोलिजमेंट कॉलेज को नहीं दिया गया। इसके अभाव में अकादमिक सत्र 2021-22 के लिए एनएमसी के द्वारा निरीक्षण नहीं किया जाएगा। अब सत्र 2022-23 के लिए नया आवेदन करने के लिए कहा गया है।

नये आवेदन के साथ अब दोबारा से फीस जमा करनी होगी और पुरानी फीस जब्त हो जाएगी। सरकार चुनावी साल में इस कॉलेज को शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रही थी, जिसके चलते दून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज 31 डाक्टरों को अल्मोड़ा भेजा गया था। अब एनएमसी की चिट्ठी से इस साल मान्यता पर संकट पैदा हो गया है।

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