सूचना आयुक्त योगेश भट्ट की सख्ती के बाद हुआ बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा, इस यूनिवर्सिटी की भूमिका पर उठे सवाल

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महाराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय में डिग्री फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ये खुलासा तब हुआ जब मेरठ के एक स्कूल के प्रिसिंपल ने एक अंकपत्र और डिग्री को सत्यापन के लिए भेजा लेकिन विश्वविद्यालय इसमें आनाकानी दिखा रहा था इसके बाद मामला सूचना आयोग पहुंचा और सूचना आयुक्त योगेश भट्ट की सख्ती के बाद बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।

बड़े फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा
राजकीय इंटर कॉलेज लावेड़ मेरठ में एक शिक्षक ने अपने प्रमाण पत्र स्कूल में जमा करवाए। उन्हें देखने पर प्रिसिंपल को कुछ शक हुआ तो उन्होंने इनके सत्यापन के लिए महाराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय को कहा। लेकिन विश्वविद्यालय इसे टालता रहा। जिसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज लावेड़ मेरठ के प्रधानाचार्य ने इसकी जानकारी सूचना के अधिकार से मांगी। जिसके बाद इस मामले में हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय की लापरवाही सामने आई।

सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने विश्वविद्यालय को लगाई फटकार
इसपूरे मामले में लापरवाही सामने आने पर सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने सख्त रवैया अपनाया। जिसके बाद पता चला कि Enrolment No. A-201932898 से संबंधित अंकपत्र या डिग्री महाराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में है ही नहीं। जांच में ये डिग्री फर्जी निकली। गंभीर मामले के खुलासे पर सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने विश्वविद्यालय को फटकार लगाई है।

उन्होंने कहा कि विश्वविदयालय को इस मामले की भनक लग चुकी थी कि डिग्री फर्जी है। लेकिन इसके बावजूद भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और ना ही मामले को गंभीरता से लिया गया। जिस से ये मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है। जिस पर विश्वविद्यालय से जवाब मांगा गया है।