राज्य सरकार ने पटाखों पर लगाया बैन, नियम तोड़ने पर 6 महीने की जेल और 1 लाख रुपये तक लगेगा जुर्माना

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strict law on use of firecrackers in mizoram
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राज्य में पटाखों के इस्तेमाल, भंडारण और बिक्री को नियंत्रित करने के लिए नया कानून लागू किया है। ‘द मिजोरम रेगुलेशन ऑफ फायरवर्क्स एक्ट, 2026’ के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

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आइजोल : मिजोरम सरकार ने राज्य में पटाखों के इस्तेमाल, भंडारण और बिक्री को नियंत्रित करने के लिए नया कानून लागू किया है। ‘द मिजोरम रेगुलेशन ऑफ फायरवर्क्स एक्ट, 2026’ के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। खास तौर पर सरकारी कर्मचारियों को नियम तोड़ने पर 6 महीने तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। राज्य के गृह मंत्री के. सपदांगा ने शुक्रवार को आइजोल प्रेस क्लब में नए कानून के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कानून को अगस्त 2026 में राज्य विधानसभा ने पारित किया था और सितंबर में अधिसूचित किया गया।

पटाखे जलाने और रखने के लिए लेनी होगी अनुमति

गृह मंत्री के मुताबिक, नए कानून के तहत मिजोरम में डिप्टी कमिश्नर की पूर्व अनुमति के बिना पटाखे जलाने, इस्तेमाल करने या अपने पास रखने की अनुमति नहीं होगी। कानून की धारा 3 और 4 का उल्लंघन करने पर दोषी को तीन महीने तक की जेल या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यदि नियमों का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति 12 साल से कम उम्र का बच्चा है, तो उसके कृत्य के लिए जुर्माने या सजा की जिम्मेदारी माता-पिता अथवा अभिभावक की होगी।

बिना लाइसेंस पटाखे बेचने पर 2 साल तक की सजा

नए कानून में पटाखों और उनसे संबंधित सामग्री की बिक्री को लेकर भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि आवश्यक लाइसेंस के बिना पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित है। ऐसी बिक्री पर एक्सप्लोसिव्स एक्ट, 1884 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने बताया कि नए कानून की धारा 5 का उल्लंघन करने पर दोषी को दो साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।

अपराध संज्ञेय और जमानती होंगे

गृह मंत्री के. सपदांगा ने बताया कि नए कानून के तहत आने वाले अपराध संज्ञेय और जमानती श्रेणी में रखे गए हैं। इसका मतलब है कि पुलिस ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना मामला दर्ज कर सकती है। सरकार का उद्देश्य पटाखों और उनसे जुड़ी सामग्री के इस्तेमाल, भंडारण और बिक्री को नियंत्रित करना तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

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