विधानसभा में नियुक्त स्थाई कर्मियों पर अध्यक्ष खंडूरी के बयान से मची खलबली

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देहरादून एसकेटी डॉट कॉम

नियमों के विपरीत वर्ष 2003 के बाद विधानसभा में स्थाई हो चुके कर्मचारियों की नियुक्ति के बारे में पूछे जाने पर विधान सभा अध्यक्ष रितु भूषण खंडूरी ने कहा कि स्थाई हो चुके कर्मचारियों को एकदम से नहीं निकाला जा सकता है अगर वह संविधान के प्रदत नियमों के विरुद्ध भर्ती हुए हैं तो इसके लिए विधिक राय ली जा रही है विधिक राय आने के बाद ही इस पर कोई कार्यवाही की जाएगी.

इसके बाद स्थाई हो चुके कर्मचारियों में भी हलचल मर चुकी है मामला खुलने के बाद अब अगर इनकी भी जांच हुई तो कहीं इनके ऊपर भी गाज ना गिर जाए को लेकर मैं तरह की चर्चाएं होने लगी है इतना जरूर है कि जब यह लोग स्थाई हो चुके हैं तो इन पर एकदम कार्यवाही किया गाना मुश्किल लग रहा है.

अभी वर्तमान में वर्ष 2016 से 22 तक जिन लोगों को संविधान के के विरुद्ध सीधी नौकरी मिली है जो कि वह नितांत अस्थाई है के खिलाफ कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यवाही की है जो की पूरी तरह से विधि सम्मत बताई जा रही है. खंडूरी ने अपने आवास पर यह बात कही उन्होंने कहा कि किसी के साथ अन्याय ना हो इसीलिए पहले जांच कमेटी बैठाई गई और जांच कमेटी की सिफारिश के बाद ही कार्रवाई की गई है.

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि विधानसभा से हटाए गए बैकडाेर कर्मचारियों से उन्हें पूरी सहानुभूति है। उसमें से बड़ी संख्या में महिलाएं हैं और कई मुझसे मिली भी हैं। लेकिन उनकी नियुक्ति नियम विरुद्ध होने की वजह से निरस्त की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य हित में यह कड़ा निर्णय लिया गया है।

शनिवार को यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि विधानसभा में भर्तियों की जांच कराने के बाद आई रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा की भर्तियों में संविधान के आर्टिकल 14 और 16 का पालन नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि राज्य की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था में नियमों के विरुद्ध नौकिरयों का आवंटन ठीक नही है। उन्होंने कहा कि इसीलिए जांच कराई गई ताकि किसी के साथ अन्याय न हो और कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई। 2016 से पहले की नियुक्ति में भी नियमों का पालन न होने के सवाल पर ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि नियमित हो चुके कर्मचारियों को सीधे नहीं निकाला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने रेगुलर हो चुके कर्मचारियों को लेकर विधिक राय लेने का निर्णय लिया है और विधिक राय के बाद ही इस संदर्भ में कोई कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में हुए प्रमोशन को लेकर भी विधिक राय ली जा रही है और उसके बाद ही इस संदर्भ में कुछ कहा जा सकता है।

खंडूड़ी ने कहा कि विधानसभा में कितने पदों की जरूरत है इसकी आवश्यक्ता जांची जाएगी और उसके अनुसार ही ढ़ांचा तैयार होगा। उन्होंने कहा कि जरूरत होगी तो नियमों के अनुसार ही भविष्य में कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था में नियमों के विरुद्ध नौकिरयों का आवंटन ठीक नही है।

उन्होंने कहा कि इसीलिए जांच कराई गई ताकि किसी के साथ अन्याय न हो और कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की गई। 2016 से पहले की नियुक्ति में भी नियमों का पालन न होने के सवाल पर ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि नियमित हो चुके कर्मचारियों को सीधे नहीं निकाला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने रेगुलर हो चुके कर्मचारियों को लेकर विधिक राय लेने का निर्णय लिया है और विधिक राय के बाद ही इस संदर्भ में कोई कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा में हुए प्रमोशन को लेकर भी विधिक राय ली जा रही है और उसके बाद ही इस संदर्भ में कुछ कहा जा सकता है।

खंडूड़ी ने कहा कि विधानसभा में कितने पदों की जरूरत है इसकी आवश्यक्ता जांची जाएगी और उसके अनुसार ही ढ़ांचा तैयार होगा। उन्होंने कहा कि जरूरत होगी तो नियमों के अनुसार ही भविष्य में कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।

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