विधानसभा सत्र का दूसरा दिन रहा हंगामेदार, हमारे लिए जनता की आवाज चुनावी मुद्दा नहीं- विपक्ष
उत्तराखंड के वह मंत्री जो कि अपने बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में तो रहते हैं लेकिन इनकी बयानबाजी करना इनके ऊपर ही भारी पड़ जाता है वही आज उत्तराखंड विधानसभा क्षेत्र का दिन का दूसरा सत्र था जहां पर विधानसभा की दूसरे दिन की कार्यवाही हंगामेदार रही और विपक्ष ने सरकार को बेरोजगारी के मसले पर घेरा।विपक्ष ने सरकार से बेरोजगारी को लेकर सवाल किया।कांग्रेस विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने पूछा, क्या राज्य में इस समय बेरोजगारी दर अपने सर्वोच्च स्तर पर? श्रम मंत्री हरक सिंह के जवाब पर काज़ी निज़ामुद्दीन ने उठाये सवाल, सदन में निजी एजेंसी के आंकड़े रखने पर जताई नाराजगी।हरक सिंह रावत ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने 7 लाख लोगों को रोजगार दिया।
प्रीतम सिंह ने भी सदन में मोर्चा खोला. सदन में मंत्रियों के दिये आंकड़े रखे. प्रीतम सिंह ने कहा कि सरकार ने 22.12.20 को कहा 10 लाख रोजगार दिए और 4.3.21 को सात लाख रोजगार देने का दावा कर रही है। विपक्ष के सवाल का जवाब देकर हरक सिंह फंस गए। दो अलग अलग आंकड़ों को देख कांग्रेस भड़क गई.10 लाख और 7 लाख के दो आंकड़े रखने पर विपक्ष को हरक सिंह रावत संतुष्ट नहीं कर पाए। विपक्ष का आरोप है कि सदन को सरकार गुमराह कर रही है। वहीं हरक सिह रावत ने कहा कि विपक्ष बेरोजगारी को चुनावी मुद्दा बना रही है। बेरोजगारी के मसले को चुनावी मुद्दा बनाने के हरक सिंह रावत के बयान पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा, ये हमारे लिए जनता की आवाज, चुनावी मुद्दा नहीं।प्रीतम सिंह और हरक सिंह के बीच तीखी झड़प हुई। प्रीतम सिंह ने प्रश्न स्थगित करने की मांग की।श्रम मंत्री हरक सिंह के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं दिखे। विपक्ष के विधायक कुर्सियों पर खड़े हो गए। प्रश्नकाल में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।
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