School Timing Changed-कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों की टाइमिंग बदली, जानें कितने बजे से लगेंगी क्लास?

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Noida School Timing Changed-दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में आसमान से बरस रही आग और लू के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसी चिलचिलाती धूप और जानलेवा गर्मी को देखते हुए गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए एक बेहद अहम कदम उठाया है। दरअसल, मौसम के इस तल्ख मिजाज के बीच Noida School Timing Changed कर दी गई है। यह आदेश विशेष रूप से छोटी कक्षाओं के बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर जारी किया गया है, ताकि वे दोपहर की कड़ी धूप से बच सकें।

स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किए गए आधिकारिक निर्देशों के मुताबिक, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्कूलों में कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक के छात्रों के लिए अब नई समय सारिणी लागू होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी इस फरमान के बाद, अब छोटे बच्चों को तेज धूप में स्कूल से घर नहीं लौटना पड़ेगा। यह फैसला मुख्य तौर पर तपती गर्मी से बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले किसी भी विपरीत प्रभाव को रोकने के लिए लिया गया है।

सुबह 7 बजे से खुलेंगे स्कूल, जानें Noida School Timing Changed का पूरा नियम

असल में, नए आदेश के तहत अब जिले के सभी स्कूल सुबह 7:00 बजे से खुलेंगे और दोपहर 12:00 बजे उनकी छुट्टी कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि बदला हुआ यह समय 29 जून 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि अगले आदेशों तक पूरे जिले में यही व्यवस्था बनी रहेगी। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी स्कूल बच्चों को दोपहर की तेज धूप के बीच परिसर में नहीं रोकेगा और ठीक 12 बजे उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाएगी।

किन स्कूलों पर लागू होगा यह सख्त आदेश?

अक्सर ऐसे सरकारी आदेशों के बाद अभिभावकों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह नियम प्राइवेट और इंटरनेशनल स्कूलों पर भी लागू होगा? आपको बता दें कि यह आदेश जिले की सीमा में आने वाले हर तरह के शिक्षण संस्थानों पर पूरी सख्ती से लागू किया गया है। इसमें सभी सरकारी और गैर-सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के अलावा मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल, सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), मदरसे और अन्य किसी भी बोर्ड से संबद्ध विद्यालय पूरी तरह शामिल हैं। किसी भी स्कूल प्रबंधन को इस नियम की अनदेखी करने या अपनी मनमर्जी चलाने की छूट बिल्कुल नहीं होगी।

बच्चों की सेहत सर्वोपरि, डॉक्टरों ने भी दी थी सलाह

अक्सर देखा गया है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान छोटे बच्चे बहुत जल्दी डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी ने सुबह 10 बजे के बाद ही खुले में निकलना मुश्किल कर दिया है। चिकित्सा विशेषज्ञों की भी लगातार यही सलाह रही है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से हर हाल में बचा जाए।

ऐसे में दोपहर 2 या 3 बजे स्कूल की छुट्टी होने से बच्चों के बीमार पड़ने का जोखिम काफी बढ़ गया था। जिला प्रशासन के इस त्वरित फैसले से निश्चित तौर पर लाखों अभिभावकों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

कुल मिलाकर, प्रशासन का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक जरूरी और सराहनीय पहल है। अब सभी स्कूल प्रबंधनों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे इस सरकारी आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, स्कूल बसों और परिसर में पीने के स्वच्छ पानी की उचित व्यवस्था भी दुरुस्त रखी जाए, क्योंकि बेहतर शिक्षा के साथ-साथ इन नौनिहालों का शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना भी समाज की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।