Railway Ticket Rules: 1 अक्टूबर से WhatsApp टिकट स्क्रीनशॉट पर होगी कार्रवाई, Original ID जरूरी

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नई दिल्ली: अगर आप अक्टूबर में ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो जरूरी दस्तावेज साथ रखें। सेंट्रल रेलवे 1 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाएगा। इस दौरान रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और लोकल ट्रेनों में टिकटों की सख्त जांच होगी। खासतौर पर कंसेशनल टिकट, तय कोटा, रेलवे पास, ग्रुप बुकिंग और बिना टिकट यात्रा पर नजर रखी जाएगी।

WhatsApp टिकट या स्क्रीनशॉट पड़ेगा भारी

रेलवे का यह अभियान त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बिना टिकट या गलत तरीके से यात्रा करने के मामलों को रोकना है। टिकट चेकिंग स्टाफ जरूरत पड़ने पर TTE ऐप की मदद से टिकट की जानकारी और उसकी वैधता भी जांच सकता है।

Original ID Proof रखना जरूरी

अगर आप कंसेशन या किसी विशेष कोटे के तहत टिकट पर सफर कर रहे हैं, तो अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित Original ID Proof साथ रखना जरूरी है। सिर्फ मोबाइल में रखी फोटो या सामान्य फोटो कॉपी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। रेलवे के नियमों के तहत आधार, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर फोटो ID जैसे दस्तावेज मान्य हैं। इसके अलावा केंद्र या राज्य सरकार का फोटो ID, मान्यता प्राप्त स्कूल-कॉलेज का फोटो ID, फोटो वाली नेशनलाइज्ड बैंक पासबुक और लैमिनेटेड फोटो वाला बैंक क्रेडिट कार्ड भी निर्धारित पहचान पत्रों में शामिल हैं।

एक टिकट पर कई यात्री हैं तो यह बात याद रखें

अगर एक ही टिकट या PNR पर कई लोग यात्रा कर रहे हैं, तो टिकट में नाम दर्ज कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित Original ID Proof होना चाहिए। अगर जांच के दौरान जरूरी पहचान पत्र नहीं दिखाया गया, तो उस टिकट पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को बिना वैध टिकट यात्रा करने वाला माना जा सकता है।

बिना टिकट यात्रा पर कितना जुर्माना?

बिना वैध टिकट या अधिकृत यात्रा दस्तावेज के पकड़े जाने पर अब न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 500 रुपये है, जो पहले 250 रुपये था। यह 500 रुपये केवल अतिरिक्त शुल्क है, यानी स्थिति के अनुसार लागू किराया भी अलग से देना पड़ सकता है। इसलिए अक्टूबर में ट्रेन से सफर करते समय टिकट के साथ जरूरी Original ID और अन्य दस्तावेज जरूर रखें।

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