दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर सियासी घमासान, LIU को चकमा देकर राजभवन पहुंचे कांग्रेस नेता

भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। इस नियुक्ति के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देहरादून में प्रेस वार्ता कर सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव कैंपेन समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी मौजूद रहे।
दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर खड़े किए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक न्याय नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर सवाल खड़े किए। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसे उत्तराखंड का अपमान बताते हुए कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश की जनता को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड की मातृशक्ति से भी इस लड़ाई में आगे आने की अपील की।
पांच साल बाद भी न्याय का सवाल उठा रही कांग्रेस: गोदियाल
गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग आज भी कायम है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता ने अपने दोस्त को संदेश भेजकर आशंका जताई थी कि उसके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। गोदियाल ने यह भी कहा कि अंकिता की ओर से एक वीआईपी को विशेष सेवाएं देने से जुड़ा संदेश सामने आया था। उन्होंने इस पूरे मामले में कई सवाल उठाते हुए सरकार की भूमिका पर निशाना साधा।
धामी सरकार पर लगाए सबूत नष्ट करने के आरोप
गोदियाल ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जल्दबाजी में सबूत नष्ट किए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे में अंकिता के परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब मिलना चाहिए और मामले से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। गोदियाल ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इस नियुक्ति से उत्तराखंड में लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
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उत्तराखंड की संस्कृति और अस्मिता पर चोट: हरदा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंकिता भंडारी प्रकरण को उत्तराखंड की संस्कृति और अस्मिता से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि अंकिता ने अपनी जान गंवाई और इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। रावत ने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा सवाल है।
रिजॉर्ट कारोबार को लेकर हरदा ने उठाए सवाल
हरदा ने प्रदेश में चल रहे रिजॉर्ट कारोबार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंकिता जिस रिजॉर्ट में काम करती थी, वहां सामने आए घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर राज्य में रिजॉर्टों की गतिविधियों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी चर्चा की।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जताया आभार
रावत ने कहा कि जब अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पहुंचे, तो उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिला। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का आभार जताते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने अंकिता के माता-पिता की आवाज को देशभर तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।
इंडिया गेट पर धरने के बाद बढ़ा विवाद
अंकिता भंडारी के माता-पिता 14 अक्टूबर को दिल्ली के इंडिया गेट के बाहर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद अंकिता के परिजनों ने केंद्र सरकार से 24 घंटे के भीतर दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द करने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए न्याय की मांग दोहराई है।
LIU को चकमा देकर राजभवन पहुंचे कांग्रेस नेता
प्रेस वार्ता के बाद कांग्रेस नेताओं ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के विरोध में राजभवन की ओर रुख किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पुलिस और एलआईयू की निगरानी से बचते हुए राजभवन पहुंच गए और अंदर जाने का प्रयास किया। इस दौरान उनके साथ कई समर्थक भी मौजूद थे। राजभवन परिसर में प्रवेश को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया।
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