भविष्य के साथ खिलवाड़-योग्य बाहर, अयोग्य सेलेक्टेड, नीट पेपर से एक दिन पूरी रात रटवाया पूरा पेपर इस तरह हुआ खुलासा

ख़बर शेयर करें

रायपुर। NEET UG परीक्षा मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अभी तक स्पेशल इनवेस्टिगेटिंग टीम ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में कुछ कैंडिडेट्स के परिजन और दलाल शामिल हैं। इन्होंने पुलिस के सामने नीट पेपर लीक के लिए पैसे के लेनदेन की बात कबूल की है। गिरफ्तार आरोपियों में जूनियर इंजीनियर सिकंदर यादवेंदु, अखिलेश, बिट्टू, आयुष, अमित, नीतीश कुमार, संजीव सिंह समेत अन्य लोग शामिल हैं।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच EOU की 9 सदस्यीय SIT कर रही है। नीट एग्जाम में शामिल एक स्टूडेंट आयुष ने ये कबूल किया है कि परीक्षा से एक दिन पहले उसे क्वेश्चन पेपर रटवाया गया था। अब गिरफ्तार परीक्षा माफिया और दानापुर नगर परिषद के जूनियर इंजीनियर सिकंदर यादवेंदु ने भी पेपर लीक में अपनी भूमिका कबूल कर ली है।
आरोपी सिकंदर यादवेंदु ने स्वीकार की नीट पेपर लीक की बात
आरोपी सिकंदर यादवेंदु ने स्वीकार किया कि अमित आनंद और नीतीश कुमार ने 4 मई को क्वेश्चन पेपर हासिल किया था। फिर इसे रामकृष्ण नगर इलाके में लर्न प्ले स्कूल ले जाया गया। यहां पहले से करीब 30 की संख्या में नीट एग्जाम के अभ्यर्थी बैठे हुए थे। सिकंदर ने इस बात को भी स्वीकार किया कि वह कुछ NEET उम्मीदवारों के परिवारों के कॉन्टैक्ट में था, जिसके बाद पैसे के लेनदेन की सौदेबाजी हुई।
आरोपी अमित और नीतीश ने भी शास्त्रीनगर पुलिस के सामने प्रश्नपत्र लीक में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उन्होंने हर उम्मीदवार से 30 लाख से 32 लाख रुपए लेने की बात स्वीकार की है।
कौन है नीतीश कुमार और अमित आनंद ?
आरोपी नीतीश कुमार इससे पहले बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा (BPSC TRE 3.O) पेपर लीक में शामिल था। वहीं गिरफ्तार आरोपी अमित आनंद पटना में एक अपंजीकृत शैक्षणिक परामर्श फर्म चलाता था।
इधर बिहार आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU ने भी परीक्षा में भारी चूक मानी है। EOW ने बताया कि आरोपियों ने उम्मीदवारों से नीट पेपर लीक के बदले 30 लाख रुपए से अधिक की राशि ली थी। EOU ने पूछताछ के लिए बिहार के अलग-अलग जिलों के 9 उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उन्हें पटना बुलाया है। उनसे ‘सॉल्वर गैंग’ से उनके कनेक्शन के बारे में पूछताछ की जाएगी।
NTA की भूमिका सवालों के घेरे में, नहीं मिल रहा जांच में सहयोग
इधर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA की भूमिका सवालों के घेरे में है। उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ये बात भी सामने आ रही है कि EOU ने NTA से नीट के क्वेश्चन पेपर मांगे थे, लेकिन अभी तक नीट यूजी 2024 क्वेश्चन पेपर की कॉपी नहीं भेजी गई है। 5 मई को नीट यूजी एग्जाम लिया गया था। इसके बाद पेपर लीक को लेकर हंगामा हुआ। जब जांच शुरू हुई तो बिहार पुलिस को एक आरोपी के घर कुछ जले हुए पेपर मिले थे। अब इन जले हुए पेपरों को जांच के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट के बाद भेजा गया है, लेकिन इसके लिए भी नीट का ओरिजनल सही-सलामत प्रश्न पत्र चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी स्वीकार की गड़बड़ी की बात
इधर NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी 16 जून को गड़बड़ी की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि जो भी बड़े अधिकारी इसमें शामिल पाए जाएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को आश्वस्त किया कि किसी भी छात्र का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
इस साल 5 मई को हुई थी परीक्षा
NEET की परीक्षा इस साल 5 मई को हुई थी। एग्जाम में 23 लाख 30 हजार स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। 4 जून को तय तारीख के 10 दिन पहले रिजल्ट जारी किया गया। पहले रिजल्ट 14 जून को जारी किया जाना था। रिजल्ट में 67 स्टूडेंट्स को पूरे 720 मार्क्स दिए गए। इस तरह 67 उम्मीदवारों ने टॉप पोजिशन हासिल की। जिस पर हजारों स्टूडेंट्स ने सवाल उठाए। देशभर में जगह-जगह रिजल्ट के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन होने लगे।
रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट समेत 7 हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हुईं, जिन्हें एक साथ जोड़कर 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने वाला है। बता दें कि पिछले साल केवल दो छात्रों ने पहली रैंक हासिल की थी।
13 जून को सुप्रीम कोर्ट में हुई थी सुनवाई, 1563 स्टूडेंट्स को दोबारा देनी होगी परीक्षा
13 जून को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने 3 याचिकाओं पर सुनवाई की थी। इस दौरान NTA ने कोर्ट को कहा था कि परीक्षा में शामिल सभी उम्मीदवारों को दोबारा एग्जाम देने की जरूरत नहीं है। उसने कहा कि NEET-UG परीक्षा में ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1,563 उम्मीदवारों के स्कोर कार्ड रद्द किए जाएंगे। इन उम्मीदवारों को 23 जून को फिर से परीक्षा देनी होगी। रिजल्ट 30 जून से पहले जारी किए जाएंगे। इन 1563 विद्यार्थियों के पास ये विकल्प होगा कि अगर ये एग्जाम नहीं देना चाहते हैं, तो फिर इनके नंबर बिना ग्रेस मार्क्स के जोड़े जाएंगे। अब 1,563 से ज्यादा उम्मीदवारों के परिणामों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की गई है।
काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार किया है। इधर याचिकाकर्ता हितेश सिंह कश्यप ने कहा है कि गुजरात के गोधरा में जय जलाराम परीक्षा सेंटर को चुनने के लिए कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड जैसे राज्यों के 26 छात्रों ने 10-10 लाख रुपए की रिश्वत दी थी। याचिका में पेपर लीक की CBI जांच की मांग की गई है, इस पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 8 जुलाई को ही होगी। इधर कई विद्यार्थियों ने NEET एग्जाम रद्द कर फिर से परीक्षा कराने की मांग की है।
1563 स्टूडेंट्स को दिए गए ग्रेस मार्क्स
मेघालय, हरियाणा, छत्तीसगढ़, सूरत और चंडीगढ़ के 6 केंद्रों के छात्रों ने शिकायत की थी कि उन्हें परीक्षा लिखने के लिए पूरे 3 घंटे और 20 मिनट का वक्त नहीं मिला। छात्रों ने बताया कि उन्हें गलत प्रश्नपत्र का वितरण किया गया, फटी हुई ओएमआर शीट मिली या ओएमआर शीट बांटने में देरी की गई। इस पर एनटीए द्वारा गठित एक समिति ने मामले की जांच के बाद छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए। यह फार्मूला 2018 के फैसले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तैयार और अपनाया गया था।
नीट यूजी एग्जाम 2024 के लिए विदेशों में बनाए गए परीक्षा सेंटर
14 देशों में बनाए गए थे सेंटर
नीट यूजी एग्जाम 2024 के लिए कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, आबू धाबी, थाईलैंड, श्रीलंका, कतर, नेपाल, मलेशिया, नाइजीरिया, बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, लागोस और सिंगापुर में भी सेंटर्स बनाए गए थे। वहीं भारत में 4,500 सेंटर्स पर परीक्षा आयोजित की गई थी।

Ad
Ad